क्षेत्रीय

गलत पता होने से साइकिल से वंचित रह गए विद्यार्थी

08/01/2019

-अपर कलेक्टर से शिकायत करने पहुंचे छात्र साइकिल उपलब्ध कराने की मांग
अशोकनगर (ईएमएस)। एक गाव से दूसरे गाव स्कूल पढऩे जाने वाले विद्यार्थियो को स्कूल जाने आने के लिए शासन द्वारा नि:शुल्क साइकिले प्रदान की जाती है। ताकि छात्र-छात्राएं स्कूल जा सके। लेकिन कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियीयों के पते गलत होने की वजह से उन्हे साइकिले नही मिल सकी है। वही मांग से अधिक साइकिले आने की वजह से विद्यार्थियों को दी जाने वाली साइकिले बीआरसी कार्यालय एवं उत्कृष्ट विघालयो मे कबाड खाने की तरह साइकिलो का ढेर लगी पड़ी हुई हैं।
ऐसी ही स्थिति चन्देरी ब्लॉक में देखने को मिली है। चन्देरी के अन्तर्गत आने वाली कुछ ग्राम पंचायतो मे दो गाव शामिल है तो एक मे माध्यमिक शाला है ओर दूसरे गाव मे नही होने से वहाँ के विद्यार्थी दूसरे गांव पढऩे के लिए जाते है। ऐसी स्थिति मे पता गलत होने की वजह से बच्चे साइकिल से वंचित रह गए है और रोज पैदल चलकर एक गाव से दूसरे गांव तक जा रहे हैं। जिसकी शिकायत अपर कलेक्टर से की गई है। अमझरा पंचायत के अन्तर्गत आने वाले ग्राम शंकरपुर निवासी करीब एक दर्जन छात्रों ने मंगलवार को कलेक्टर पहुंचकर अपनी शिकायत की है। काक्षा छटवीं के छात्रों ने बताया कि पता गलत होने की वजह से हमें शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। सत्र खतम होने को है और अभी भी हम पैदल चलकर स्कूल जा रहे हैं। छात्रों द्वारा अपर कलेक्टर से मांग की गई है कि पंचायत सचिव को आदेशित कर हमारे पते सुधरवाएं जाए, जिससे हमें साइकिल योजना का लाभ मिल सके। वहीं छात्रों की शिकायत सुनने के बाद अपर कलेक्टर द्वारा तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में अंशुल यादव, विशेष यादव, राज यादव, रिंकी यादव, लक्ष्मी अहिरवार, ऋषिका यादव, देवी यादव, देवेन्द्र आदिवासी, माखन आदिवासी, रामवति प्रजापति आदि छात्रों के साथ उनके परिजन भी शामिल थे।
साइकिलों के लिए शिक्षक ने बसूले 100-100 रुपये:
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाली छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए नि:शुल्क साइकिल दी जाती है, लेकिन शासन के इस आदेश की स्कूल के प्राचार्य धज्जियां उड़ा रहे है। नियमों को ताक पर रख साइकिल वितरण के दौरान लोडिंग-अनलोडिंग के नाम पर हर एक छात्रा से 50 से 100 रुपये की वसूली कर रहे है। मंगलवार को अपनी शिकायत लेकर आए शंकरपुर के छात्रों द्वारा स्कूल के प्राचार्य पर आरोप लगाया है कि शासकीय माध्यमिक विद्यालय चलालपुर के प्राचार्य द्वारा छात्रों को साइकिल दिलाने के लिए 100-100 रुपये लिए गए हैं। लेकिन अभी तक साइकिल उपलब्ध नहीं कराई है।
-कबाड़ हो रहीं साइकिलें:
जिले में अव्यवस्था का आलम यह है एक तरफ गरीब छात्र-छात्राओं को साइकिल उपलब्ध न होने की वजह से वह पैदल स्कूल आने-जाने के लिए मजबूर हैं, वहीं दूसरीे ओर सरकारी स्कूलों के बच्चों को बांटने के लिए भेजी गईं साइकिलें वायपास रोड़ स्थित क्रमांक एक स्कूल में पड़ी-पड़ी कबाड़ हो रही हैं। ज्यादातर साइकिलों के टायर-ट्यूब सड़ गए हैं। कुछ साइकिलों के अस्थि-पंजर तक ढीले हो गए। वहीं शिक्षा विभाग 6 महीने बाद भी बच्चों को साइकिलें नहीं बांट पाया। स्कूल के ग्राउंड में साइकिले रखने से इन पर जंग आनी भी शुरु हो गई है। कबाड़ हो रही साइकिलों की कीमत करीब लाखों रुपए बताई जा रही है।
ईएमएस/प्रवीण/08/01/2019