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चैनल सैंसरशिप से केबल टीवी उपभोक्ता परेशान

15/03/2019

-इमरजेंसी की याद दिला रहे हैं हालात
भोपाल(ईएमएस)। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का दावा है कि करीब सभी केबल टीवी उपभोक्ता नई शुल्क व्यवस्था के तहत या तो अपनी पसंद के चैनलों का चयन कर चुके हैं या उन्होंने चैनलों के सबसे बेहतर पैकेज को अपना लिया है। वहीं दूसरी तरफ पसंदीदा चैनलों खासतौर पर न्यूज चैनलों का प्रसारण सही नहीं होने के कारण अधिकांश उपभोक्ता परेशान हैं। सेवा प्रदाताओं से उपभोक्ता द्वारा शिकायत की जाती है तो उसका जवाब होता है कि उसके हाथ में कुछ नहीं है, बल्कि यह सब एमएसओ यानी मास्टर सिस्टम ऑपरेटर के जरिए किया जा रहा है, जिस पर उनका कोई जोर नहीं है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह टीवी चैनलों के सैंसरशिप जैसा मामला हो गया है, जब उन्हें दिखाना होता है दिखाते हैं और जब चाहते हैं चैनल बंद कर दिया जाता है। एनडीटीवी न्यूज चैनल के साथ तो कुछ ज्यादा ही ऐसा होता हुआ दिख रहा है। तकनीकी गड़बड़ी के नाम पर महीनों से सेंसरशिप शुरु हो गई है। कई उपभोक्ताओं ने तो यहां तक कहा है कि चैनल सैंसरशिप ने इमरजेंसी की याद ताजा करा दी है। केबल ऑपरेटर कोई जिम्मेदारी वाली बात करते नहीं हैं, क्योंकि उन्हें भी अब एमएसओ पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। टीवी में पहले तो एक-एक कर चैनल बंद कर दिए गए उसके बाद नई कीमत के हिसाब से उपभोक्ताओं से पैसा बसूला गया और पसंदीदा चैनल बिना किसी रुकावट के आने की बात कही गई, लेकिन अब उन्हीं चैनलों में रुकावट आ रही है जो कि उपभोक्ता के पसंद के होते हैं। पारिवारिक सीरियल और कॉमेडी व लाइव शो जैसे चैनलों की बात कौन करे यहां तो समाचार चैनलों पर भी सैंसरशिप बैठा दी गई है। उपभोक्ताओं की शिकायत करने से केबल ऑपरेटर भी परेशान हैं और अब वो उनके फोन अटेंड करने से भी बच रहे हैं। गौरतलब है कि ट्राई ने 31 मार्च तक का समय चैनल पसंद करने के लिए बढ़ा दिया था, बावजूद इसके प्रदेश में प्रसारण मनमाने ढंग से बंद कर दिया गया। दबाव बनाया गया था कि उपभोक्ता नई व्यवस्था में आ जाएं। इसके चलते उपभोक्ताओं को अधिक भार आया है, बावजूद इसके पसंदीदा चैनल देखने को नहीं मिल रहा है। इस संबंध में केबल ऑपरेटरों ने भी ट्राई को शिकायत करने की बात कही है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशान उपभोक्ता हो रहा है। वह अपने आपको ठगा महसूस कर रहा है। वहीं अनेक न्यूज चैनलों के सैंसरशिप जैसे हालात से केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा भी आम लोगों में दिखने लगा है।
हिदायत15/03/19ईएमएस