राष्ट्रीय

देश में बिकने वाला 10 फीसदी दूध हानिकारक

10/06/2019

-इससे इंटेस्टाइन, लिवर या किडनी डैमेज का खतरा
नई दिल्ली (ईएमएस)। चिकित्सकों का कहना है कि करीब दो साल तक लगातार मिलावटी दूध पीते रहने पर लोग इंटेस्टाइन, लिवर या किडनी डैमेज जैसी खतरनाक बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के हालिया अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारत में बिकने वाला करीब 10 प्रतिशत दूध हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस 10 प्रतिशत में 40 प्रतिशत मात्रा पैकेज्ड मिल्क की है जो हमारे हर दिन के भोजन में इस्तेमाल में आता है। असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता, नकली दूध कुछ वक्त के बाद ही पीला पड़ने लगता है। अगर असली दूध में यूरिया भी हो तो ये हल्के पीले रंग का ही होता है। वहीं अगर सिंथेटिक दूध में यूरिया मिलाया जाए तो ये गाढ़े पीले रंग का दिखने लगता है। असली दूध को हाथों के बीच रगड़ने पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती। वहीं, नकली दूध को अगर आप अपने हाथों के बीच रगड़ेंगे तो आपको डिटर्जेंट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।बढ़ती मांग के कारण बाजार में कई खाने की वस्तुएं नकली हैं, जो सीधा हमारी सेहत पर असर डालती हैं। खासकर इन दिनों बाजार में बिकने वाला दूध भी निकली आ रहा, जिससे शरीर में कई सारी परेशानियां हो सकती है।
सुदामा/ईएमएस 10 जून 2019