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(रायपुर) रेगुलेटरी अथॉरिटी के साथ.साथ महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर भी सर्टिफिकेट कोर्स चलायेगा पर्यावरण संरक्षण मण्डल (07पीआर06यूए)

07/12/2018

रायपुर, (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ;एन.आई.टी. रायपुर के साथ ई.टी.पी.एएस.टी.पी.एसी.ई.टी.पी. ऑपरेशन एवं मेंटेनेंश विषय पर तीन माह का सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किया गया है। यह कोर्स पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के आर्थिक सहयोग से कौशल उन्नयन कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा है। एनआईटी रायपुर में आज इसका शुभारंभ किया गया। यह कोर्स दूषित जल उपचार संयंत्र के संचालन और रख.रखाव से जुड़ा हुआ है। औद्योगिक इकाइयों कॉलोनियों नगरीय निकायों और अन्य संबंधित संस्थानों में दूषित जल का उपचार करने के लिए इस तरह के संयंत्र लगाए जाते हैं। इस कोर्स में विज्ञान स्नातक या इंजीनियरिंग स्नातक विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के सदस्य सचिव सुनील मिश्रा ने कोर्स के शुभारंभ समारोह में पर कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल एक रेग्युलेटरी अथॉरिटी है। इसका मुख्य कार्य विभिन्न अधिनियमों एवं नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाना है। पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा ई.टी.पी. एस.टी.पी. ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस विषय पर 3 माह के सर्टिफिकेट कोर्स चलाये जाने से निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के युवाओं के कौशल उन्नयन में सहायता मिलेगी। कोर्स करने वाले छात्र एवं छात्राएँ औद्योगिक संस्थानों स्थानीय निकायों और अन्य संबन्धित संस्थानों में कार्य करेंगेए तो न केवल उनके तकनीकी ज्ञान से अपितु उनके प्रायोगिक ज्ञान से भी संस्थान लाभान्वित होंगे। अप्रत्यक्ष रूप से छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल को भी इसका लाभ मिलेगा। दक्ष युवाओं द्वारा ईटीपी और एसटीपी ऑपरेशन एवं मेंटेंनेंस के कार्य किये जाने से गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके फलस्वरूप राज्य का पर्यावरण भी बेहतर हो सकेगा।
सदस्य श्री सुनील मिश्रा ने इस अवसर पर बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के कोर्स मंडल संचालित करता रहेगा। इस कोर्स का फायदा विद्यार्थियों लेना चाहिए। कौशल उन्नयन कार्यक्रम से निश्चित रूप से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। एनण्आईण्टीण् के डॉयरेक्टर डॉ. ए.एम. रमानी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण मण्डल ने इस कोर्स के संचालन की जिम्मेदारी एन.आई.टी. रायपुर को दी। निश्चित रूप से एन.आई.टी. रायपुर इस कोर्स को करने वाले युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ.साथ प्रायोगिक ज्ञान भी उपलब्ध करायेगा जो उनके कैरियर के लिए बेहतर साबित होगा। श्री रमानी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मंडल का यह कदम प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में डॉ. समीर बाजपेयी डॉ. मनोज प्रधान डॉं. शुभ्रता गुप्ता सहित छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के वरिष्ठ अधिकारी श्री आर.पी. तिवारी श्री ए.एस. राठौर जॉन लकड़ा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
पंकज/मंजू/07दिसंबर