व्यापार

बीते सप्ताह तेल तिलहन कीमतों में आई गिरावट

08/09/2019

नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। वै‎श्विक बाजारों में तेजी के बावजूद देश में सस्ते आयात की वजह से स्थानीय तेल तिलहनों की मांग कमजोर पड़ने से बीते सप्ताहांत अधिकांश तेल तिलहन हानि दर्शाते बंद हुए। बाजार सूत्रों ने कहा कि वायदा कारोबार में सटोरियों के दबाव में भाव टूटने और सस्ते खाद्य तेलों का आयात बढ़ने से मांग काफी साधारण रही तथा सरसों दाना और सरसों दादरी के भाव क्रमश: पांच रुपए और 10 रुपए की हानि के साथ सप्ताहांत में क्रमश: 3,910-3,930 रुपए और 7,840 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। सरसों पक्की और कच्ची घानी के भाव 10-10 रुपए गिरावट के साथ 1,275-1,575 रुपए और 1,475-1,625 रुपए प्रति टिन पर बंद हुए। बाजार में सस्ते आयात वाले खाद्य तेलों की अधिक मांग रही जिसकी वजह से मूंगफली दाना (तिलहन फसल) और मूंगफली मिल डिलिवरी गुजरात के भाव 75 रुपए और 750 रुपए की हानि के साथ 4,635-4,795 रुपए और 10,500 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। जबकि मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड के भाव 20 रुपये की हानि के साथ सप्ताहांत में 1,865-1,905 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। तिल मिल डिलिवरी के भाव 500 रुपए की हानि के साथ 11,000-16,500 रुपए क्विन्टल पर बंद हुए।
सोयाबीन मिल डिलिवरी दिल्ली और सोयाबीन इंदौर के भाव सप्ताहांत में 50 रुपए और 130 रुपए टूटकर 8,030 रुपए और 7,820 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। साधारण मांग की वजह से सीपीओ एक्स-कांडला का भाव 80 रुपए टूटकर 5,520 रुपए क्विन्टल पर बंद हुआ। दूसरी ओर बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा) का भाव 50 रुपए की हानि के साथ 7,350 रुपए क्विन्टल पर बंद हुआ। शुल्क बढ़ने के बीच भरपूर मात्रा में स्टॉक रहने के कारण एक ओर जहां पामोलीन कांडला का भाव 10 रुपए की हानि के साथ सप्ताहांत में 6,140 रुपए क्विन्टल पर बंद हुआ, वहीं सस्ते आयातित तेल की मांग के कारण समीक्षाधीन सप्ताहांत में पामोलीन आरबीडी दिल्ली का भाव 50 रुपए सुधरकर 6,800 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। दुधारू मवेशियों के लिए खल की मांग बढ़ने के बीच मक्का खल की कीमत भी सप्ताहांत में 3,600 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई, जो पिछले सप्ताहांत 3,550 रुपए क्विन्टल थी।
सतीश मोरे/08‎सितंबर