मनोरंजन

(रंग संसार) शाहरुख की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट

03/11/2018

शाहरुख खान आज फिल्मी दुनिया के बादशाह कहे जाते हैं, लेकिन इस मुकाम को हासिल करने के लिए उन्हें क्या कुछ नहीं करना पड़ा। इसमें उनकी संगिनी गौरी खान का क्या रोल रहा और इन दोनों में आखिर प्यार कैसे हुआ, यह सब जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल बॉलीवुड के तमाम रियल लाइफ कपल में शाहरुख-गौरी सबसे ज्यादा सफल नजर आते हैं। इनके प्यार के किस्से भी खूब मशहूर हुए हैं लेकिन शायद ही आप जानते होंगे कि यह प्रेम कहानी 1984 में दिल्ली के पंचशील क्लब की एक पार्टी से शुरु हुई थी। जहां 19 साल के शाहरुख की नजर, 14 साल की गौरी पर टिकी हुई थी। यह अलग बात है कि तब गौरी किसी और लड़के के साथ डांस कर रहीं थीं, लेकिन शाहरुख को तो उनसे प्यार ही हो गया। तब शाहरुख खासे शर्मीले नौजवान थे इसलिए उन्होंने उस पार्टी में गौरी से बात करने की हिम्मत तक नहीं की। इसके बाद उनकी एक दो और मुलाकातें हुईं और किसी तरह उन्होंने गौरी के घर का फोन नंबर हासिल किया। गौरी को लुभाने के लिए वो अक्सर गाना गाया करते थे कि 'गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा मैं तो गया मारा, आके यहां रे' प्रेम परवान चढ़ा और फिर शिकवे-शिकायतें भी शुरु हो गईं। शाहरुख गौरी के बाल खोलने पर नाराज हो जाया करते थे। एक समय ऐसा भी आया कि गौरी दिल्ली छोड़ मुंबई चली आईं। इसके बाद शाहुरख भी गौरी की तलाश करते हुए मुबंई आ गए। बताते हैं कि मुंबई की दो रातें तो शाहरुख ने अपने एक दोस्त के फ्लैट में गुजारीं, लेकिन जब जब दोस्त के माता-पिता वापस आ गए तो उन्हें वीटी स्टेशन की एक बेंच पर रात गुजारनी पड़ी। इस परेशानी के बावजूद शाहरुख ने गौरी को खोजना जारी रखा और अंतत: शाहरुख ने अपनी मोहब्बत को मुंबई के अक्सा बीच पर ढूंढ़ निकाला। शाहरुख को देखते ही गौरी को रोना आ गया। इसके बाद गौरी दिल्ली वापस लौटीं लेकिन रिश्ते को लेकर वो कुछ कह नहीं पाईं। उन्होंने शाहरुख से भी कुछ समय तक बात नहीं करने को कहा। इस घटना से शाहरुख का दिल टूटा, फिर वो अपने काम में व्यस्त हो गए। इसके बाद ऐसा कुछ हुआ कि दोनों एक हुए और आज जहां शाहरुख लाखों-करोड़ों के दिलों में बसते हैं तो वहीं गौरी शाहरुख के दिल में राज करती हैं।

जीरो को आमिर ने बताया आउटस्टैंडिंग
बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख की फिल्म 'जीरो' का ट्रेलर रिलीज होने से पहले ही मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने देखा और फिर उन्होंने उसे आउटस्टैंडिंग के खिताब से भी नवाज दिया। इस तरह ट्रेलर रिलीज से पहले ही आमिर ने फैंस को और ज्यादा उत्साहित करने का काम कर दिया। इसे लेकर आमिर का रिएक्शन वाकई लाजवाव रहा है। कहते हैं कि आमिर खुद फिल्म का ट्रेलर देखकर उसके फैन हो गए। यह सब इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि खुद आमिर ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि 'मैंने अभी जीरो का ट्रेलर देखा। इसे देखने के बाद मैं सिर्फ एक शब्द कहना चाहता हूं आउटस्टैंडिंग, आनंद एल राय आपको शुभकामनाएं, कैटरीना फैंटास्टिक, अनुष्का अनबिलेवेबल और.. शाहरुख खान तुमने अपनी क्षमताओं से भी कई गुना ज्यादा बेहतर कर के दिखाया। फिल्म देखने के लिए बेताब हूं।' अब आप समझ सकते हैं जिस कलाकार को सबसे परफेक्ट कहा जाता है जब वो ही यह कह दे कि जीरो तो आउटस्टैंडिंग है तो फिर किसी और समीक्षक या फिर आलोचक की जरुरत क्या है।

अनुपमा ने भी यौन उत्पीड़न के बाद छोड़ी थी फिल्म
रंगीला राजा फिल्म की मशहूर अभिनेत्री अनुपमा अग्निहोत्री ने मीटू के तहत अब यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। यह अलग बात है कि अनुपमा अपनी कहानी तो सुनाती हैं, लेकिन उस शख्स का नाम बताने से गुरेज भी करती हैं, जिनकी वजह से उन्हें फिल्म तक छोड़नी पड़ गई थी। बहरहाल बॉलीवुड में मीटू कैंपेन थमने का नाम नहीं ले रहा है। नाना पाटेकर पर आरोप लगने के बाद से ही लगातार महिला कलाकारों ने अपने यौन उत्पीड़न के किस्से सार्वजनिक करने का काम किया है। इस प्रकार बॉलीवुड में जिस मुहिम को तनुश्री दत्ता ने शुरू किया अब उसका सभी हिस्सेदार बनती दिख रही हैं। इन खुलासों ने बॉलीवुड को मानों हिलाकर रख दिया है। इसी कड़ी में एक नाम और जुड़ा है और वो हैं फिल्म रंगीला राजा की एक्ट्रेस अनुपमा अग्निहोत्री जिन्होंने बॉलीवुड के एक शख्स पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। बकौल अनुपमा 'तब मैं मुंबई में नई-नई थी। एक शख्स से मैं मिली, जिसने कहा कि तुम्हें ऐसे या वैसे यह सब तो करना ही पड़ेगा।' अनुपमा ने कहा कि 'उस शख्स का नाम मैं नहीं बताना चाहूंगी। मैं उसकी नीयत समझ गई थी मगर मैंने इसके बावजूद उससे इस बात का मतलब पूछा। उस शख्स का जवाब था कि तुम्हें पता है मैं क्या कह रहा हूं। उससे मैंने कहा कि पुलिस स्टेशन पास ही है। बहरहाल बात आगे नहीं बढ़ी, लेकिन तब मैंने फिल्म में काम नहीं किया। बहरहाल लोग तो पूछ ही रहे हैं कि आखिर इस तरह से नाम को लेकर पर्दादारी क्यों है, क्या उसके बाद कुछ हुआ जिस कारण अब वो उसका नाम नहीं बताना चाह रही हैं। जहां तक अनुपमा के फिल्मी कैरियर का सवाल है तो बतला दें कि बॉलीवुड के माने हुए हीरो गोविंदा के साथ फिल्म रंगीला राजा में वो नजर आने वाली हैं। संभवत: यही वजह है कि उन्होंने आरोप तो लगाए लेकिन शख्स का नाम बताने से परहेज कर गईं।

माधवन ने क्यों कहा कि नंबी नारायणन को जानें
यह तो लगभग सभी जान चुके हैं कि आर. माधवन फिल्म 'रॉकेट्री-द नंबी इफेक्ट' में नजर आने वाले हैं, लेकिन कम लोग ही जानते होंगे कि माधव एक ऐसे वैज्ञानिक को पहचान देने की कोशिश कर रहे हैं, जिसक बारे में नहीं जानना किसी अपराध से कम भी नहीं है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि खुद माधवन का कहना है कि महान वैज्ञानिक नंबी नारायणन के बारे नहीं जानना सच में एक अपराध ही है। यह सब बातें मुंबई में फिल्म के टीजर रिलीज के दौरान हुईं। इस बीच उनके साथ फिल्म के सहनिर्देशक अनंत महादेवन और इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एस. नंबी महादेवन भी मौजूद थे। ये तमाम बातें इसलिए भी हो रही हैं क्योंकि माधव की आने वाली फिल्म 'रॉकेट्री-द नंबी इफेक्ट' वैज्ञानिक नंबी नारायणन के जीवन पर ही आधारित है, जो इसरो के वरिष्ठ अधिकारी हैं। मामला कुछ यूं है कि वर्ष 1994 में उन पर जासूसी के झूठे आरोप लगे और उन्हें गिरफ्तार किया गया और लंबे समय के बाद तमाम आरोप गलत साबित हुए। इसलिए इस फिल्म से उन्हें कुछ ज्यादा ही लगाव हो गया है और वो कहते हैं कि यह फिल्म उनके लिए जुनून बन गई है। बकौल माधवन, 'तीन साल पूर्व अनंत महादेवन ने वैज्ञानिक नंबी नारायणन की कहानी सुनाई थी, उसके बाद मुझे लगा कि यह उस शख्स की कहानी है, जिसके साथ अन्याय हुआ, झूठे आरोपों के चलते उन्हें जेल भेजा गया। इसके बाद ही इस पर लिखना शुरू कर दिया और करीब सात माह में यह स्क्रिप्ट तैयार हो गई। अब जब फिल्म पर्दे पर आएगी तो और भी बहुत सारे खुलासे हो सकेंगे और उम्मीद है कि लोगों को यह कहानी भी पसंद आएगी।
03नवंबर/ईएमएस