क्षेत्रीय

साधु संत एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कलेक्टर ने महापौर एवं पार्षदगणों को शपथ दिलाई

05/08/2022

उज्जैन (ईएमएस)। नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदगणों का शपथ विधि समारोह शुक्रवार को कालिदास अकादमी के संकुल सभागृह में संपन्न हुआ। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, विधायक पारस जैन, संत समाज तथा शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में कलेक्टर आशीष सिंह ने नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदगणों को विधिवत शपथ दिलाई।
शपथ विधि समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन 5 अगस्त हमारे लिये ऐतिहासिक दिन है। शहर विकास के लिये केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और नगर सरकार तीनों मिलजुल कर ईमानदारी से बेहतर कार्य करेंगे। हमारा शहर आबादी के हिसाब से महानगर की ओर बढ़ रहा है। हम सब मिलकर श्रेष्ठ कार्य करेंगे और सबको साथ लेकर शहर का विकास करेंगे।
पूर्व सांसद चिन्तामणि मालवीय, अनिल जैन कालूहेड़ा, आचार्य शेखर महाराज आदि ने अपने-अपने विचार प्रकट करते हुए नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदगणों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
नवनिर्वाचित महापौर मुकेश टटवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि उज्जैन शहर धार्मिक नगरी होने के नाते शहर का चहुमुखी विकास किया जायेगा। सभी वार्डों में भ्रमण करूंगा तथा जिन वार्डों में प्राथमिकता वाले कार्य होंगे, उन्हें पहले किया जायेगा। सिंहस्थ भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होने दिया जायेगा। यातायात व्यवस्था को भी दुरूस्त करते हुए शहर की आम समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुलझाने का प्रयास किया जायेगा। शहर को स्वच्छता में नम्बर-1 लाने का हरसंभव प्रयास किया जायेगा तथा आने वाले समय में घर-घर तिरंगा अभियान के तहत शहरवासी अपने-अपने घरों में झंडा लगायेंगे।
शपथ विधि समारोह में विधायक पारस जैन, विवेक जोशी, राजेन्द्र भारती, जगदीश अग्रवाल, पूर्व महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, पूर्व सभापति सोनू गेहलोत, राजपालसिंह सिसौदिया, इकबालसिंह गांधी, विशाल राजौरिया, अनिल जैन कालूहेड़ा,, रामदास महाराज, संजय अग्रवाल, सत्यनारायण खोईवाल, मनोज मालवीय, रत्नेश सहानी, ओम प्रकाश सहानी नवनिर्वाचित पार्षदगण, पत्रकारगण, शहर के गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित थे।
क्षिप्रा में स्नान कर भगवान महाकाल के दर्शन किए और गुरूद्वारे में मत्था टेका
महापौर मुकेश टटवाल द्वार शपथ ग्रहण करने से पहले माँ क्षिप्रा में स्नान किया और भगवान महाकाल के दर्शन करने के पश्चात् गुरूद्वारा में मत्था टेका।
रामचंद्र गिरि, 05 अगस्त, 2022