क्षेत्रीय

जनता कर्फ्यू: सडक़ों-बाजार से लेकर शहर-गांव तक पसरा सन्नाटा

23/03/2020

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में दूसरे दिन भी पूरी तरह बन्द रहा शहर
अशोकनगर (ईएमएस)। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को प्रशासन के साथ ही जनता का भी स्वस्फूर्त सर्मथन मिल रहा है। रविवार के बाद सोमवार को आम दिनों की तरह ही घरों में दिन की शुरुआत हुई, लेकिन घरों के बाहर स्वस्फूर्त कफ्र्यू लगा रहा। जिला मुख्यालय से लेकर गांव तक, सडक़ों से लेकर बाजारों तक पूरी तरह से सन्नाटा छाया रहा। लोग अपने घरों में रहकर परिवार के साथ वीकेंड की दिनचर्या में मशगूल रहे, लेकिन सडक़ों, पार्क, चौराहे, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, मोहल्ले, कस्बों व गांव से लेकर हर जगह सन्नाटा पसरा रहा। प्रमुख मार्गो के साथ ही गली मोहल्ले तक की दुकानें बंद रहीं।
कोरोना वायरस से लड़ाई में शामिल लोगों ने बिना किसी डर-भय के परिवार के साथ घरों में ही आनन्द लेते दिखाई दिए। कोई टीवी देखकर तो कोई कैरम, लूड़ो या अंताक्षरी खेलकर परिवार के साथ बंद को समर्थन देता और उत्साह के साथ वीकेंड मनाता नजर आया। कई परिवारों में पुरुषों ने घरों में खाना बनाया और सभी ने मिलकर भोज का आनंद लिया। परिवार के लोग एक साथ बैठे और कोरोना से लड़ाई को जीतने के लिए एकजुट होने और सभी तरह की सावधानी बरतने पर चर्चा करते रहे। लोगों ने मोबाइल पर अपने रिश्तेदारों से संपर्क कर न केवल उनका हालचाल जाना बल्कि कोरोना की लड़ाई में पूरे मन से सरकार का साथ देने के लिए एक दूसरे को प्रेरित करते रहे। लोग टीवी चैनलों पर नजर बनाए हुए थे, वहीं, सोशल साइटों पर चल रहे मैसेजों पर प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर कोरोना के प्रति जंग को समर्थन देते रहे।
प्रशासन-पुलिस रहे अलर्ट:
लॉकडाउन के चलते सोमवार को दोपहर 12 बजे बाजारा बंद कराया गया, लोग घरों में ही रहे, जिला मुख्यालय की सडक़ों पर केवल प्रशासन व पुलिस की टीमें ही नजर आईं। जिले के बॉर्डर वाले इलाके में पुलिस शनिवार की शाम से सक्रिय हो गई और बाहरी बसों को जिले में प्रवेश नहीं करने दिया गया। सोमवार को पुलिस व प्रशासन की टीम बाजारों, बस स्टैंड की निगरानी करती रही, ताकि लोग वेवजह आवाजाही न करें। इसके साथ ही नगरपालिका की टीम वाहनों में लाउड स्पीकर लगाकर लोगों से घरों में ही रहने की अपील करती नजर आई। जिला मुख्यालय से जिले के शहरों-नगरों और गांवों की ओर जाने वाली सडक़ों पर भी पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। पूरे दिन में एक दो प्राइवेट वाहन ही आवाश्यक कार्य के चलते गुजरते नजर आए। कलेक्टर-एसपी पूरी व्यवस्था पर निगरानी रखे रहे। वहीं, एडीएम-एएसपी स्तर के अधिकारी सडक़ों पर उतरकर प्रशासन की टीम की हौसला अफजाई करने के साथ व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, अनुविभाग स्तर पर एसडीएम-एसडीओपी व्यवस्थाओं को बनाए रखने में जुटे रहे। मेडिकल की टीम अस्पतालों में तैनात रही। नपा के कर्मचारी रोज की तरह साफ-सफाई की व्यवस्था में जुटे रहे।
शहर में प्रवेश पर की पूछताछ:
जिला मुख्यालय में प्रवेश करने वाले सभी मार्गो के आउटर में पुलिस बल तैनात किया गया था। जो शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को रोककर पूछताछ कर ही प्रवेश दे रहे थे। बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। शहर के चौराहो-तिराहो पर प्रशासन-पुलिस की टीम नजर आई, जो सडक़ पर नजर आने वाले लोगों से उनके बाहर निकलने का कारण पूछते और घर वापस जाने की सलाह देते नजर आए। स्वास्थ्य केन्द्र में मेडिकल स्टाफ मुस्तैदी से तैनात रहा ताकि मरीजों के इलाज में कोई बाधा न आए।
गांवों तक रहा असर:
जनता कफ्र्यू का असर न केवल जिला मुख्यालय और जिले के बड़े शहरों बल्कि कस्बों और गांवों में भी देखने को मिला। सुबह से ही बाजार बंद रहा, लोग घरों में रहकर ही कोरोना की जंग में शासन-प्रशासन के साथ खड़े नजर आए। वायरस के खिलाफ लड़ाई में दुकानदार और आम लोग शामिल रहे।
शासकीय-अशासकीय संस्थानों पर रोक:
कलेक्टर ने धारा 144 (2) के तहत 25 मार्च तक शहरी और ग्रामीण इलाके में सभी तरह के शासकीय और अशासकीय संस्थानों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने 25 मार्च तक पूरे जिले में सब्जी बाजार लगाने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है। प्रशासन के आदेश का पालन कराने के लिए सभी तहसीलदारों व थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही आदेश का उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
धर्मेन्द्र 23 मार्च 2020