राज्य समाचार

पर्यटन स्थल मांडू शामिल होगा विश्व धरोहर में

13/08/2019

सरकार मांडू पर डोजियर तैयार कर भेजेगी यूनेस्को को प्रस्ताव
भोपाल (ईएमएस)। प्रदेश के प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मांडू को अब विश्व धरोहर बनाने राज्य सरकार ने फिर से प्रयास शुरु कर दिए हैं। प्रदेश सरकार ने अब मांडू का डोजियर तैयार कर केंद्र सरकार की मदद से यूनेस्को को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर ली है। दो दशक से मांडू का नाम यूनेस्को तक भेजा जा रहा है, लेकिन कोई न कोई दस्तावेजी कमी उसे विश्व विरासत का दर्जा दिलाने से रोक देती है। विंध्याचल की पहाड़ियों में बसे करीब 1400 साल पुरातात्विक इतिहास समेटे इस धरोहर की खूबसूरती का जिक्र विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक दस्तावेज 'जहांगीरनामा और अकबरनामा" में भी दर्ज है। मांडू में एक साथ कई खूबियां मौजूद हैं, विश्व विरासत के लिए 'मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत" के रूप में दावा किया गया है।सरकार का दावा है कि यूनेस्को द्वारा निर्धारित 10 में से तीन मानदंडों पर मांडू पूरी तरह खरा उतरता है, जबकि विश्व धरोहर के लिए एक कैटेगरी पूरी करना ही पर्याप्त माना जाता है। मप्र में अभी सांची के स्तूप, खजुराहो के मंदिर और भीमबैठिका को विश्व विरासत का दर्जा प्राप्त है। मप्र के इस पुरातात्विक नायाब नगीने को विश्व विरासत का दर्जा दिलवाने पर्यटन विकास मंत्री सुरेंद्र सिंह हनी बघेल ने वास्तुविद गरिमा राजपूत से मांडू पर केंद्रित दो हजार पेज का डोजियर तैयार करवाया है।
गरिमा बताती हैं कि इसमें 13 नक्शों की सहायता से मांडू के 63 प्रमुख और 100 से अधिक सभी स्मारकों का ब्योरा दिया गया है।इमारतों के 200 चित्रों के अलावा बफर जोन का सैटेलाइट चित्र और वर्तमान स्वामित्व आदि का जिक्र भी है। डोजियर निर्माण में धार कलेक्टर, पर्यटन विकास निगम, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और वन विभाग से लेकर स्थानीय नगर परिषद की मदद भी ली गई है। बताया जाता है कि जहांगीरनामा में मांडू का वर्णन 'श्रावण माह में धरती का सबसे खूबसूरत स्थल" के रूप में किया गया है। मानव जीवन, कला-संस्कृति, वास्तुशिल्प, मौसम विज्ञान, पदार्थ विज्ञान, निर्माण प्रौद्योगिकी से लेकर जल अभियांत्रिकी की समृद्ध पुरातन विरासत भी यहां सहेजी गई है। कमलनाथ सरकार ने हाल ही में मांडू पर तैयार कराए डोजियर में इसका ब्योरा देते हुए मांडू के 1400 साल के सांस्कृतिक इतिहास की कहानी भी बताई है। मांडू में एक साथ इतनी खूबियां दुर्लभ हैं। इस लंबे कालखंड में मांडू ने कई सल्तनतें और उतार-चढ़ाव भी देखे। इस बारे में पर्यटन व नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेंद्र सिंह हनी बघेल का कहना है कि मांडू में विश्व धरोहर बनने की सारी खूबियां मौजूद हैं। यूनेस्को के समक्ष हम इस बार पूरी तैयारी से अपना दावा पेश करेंगे। इसमें केंद्रीय पर्यटन मंत्री सहित अन्य सभी विभागों की मदद भी मांगेंगे। यह दर्जा मिलने के बाद मांडू की खूबसूरती पूरी दुनिया में तेजी से फैलेगी। मांडू को नए सिरे से सहेजने के जतन भी होंगे। इससे इंदौर सहित पूरे क्षेत्र में रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
सुदामा नर-वरे/13अगस्त2019