अंतरराष्ट्रीय

चीन की टॉप यूनिवर्सिटी, एडमिशन के लिए छात्रों को दे रही सेक्स का लालच

10/06/2021

-पोस्टर में लड़की कह रही- क्या तुम चाहते हो कि मैं तुम्हारी जवानी का हिस्सा बनूं?
बीजिंग(ईएमएस)। एडमिशन के वास्ते छात्रों को लुभाने के लिए चीन की टॉप यूनिवर्सिटी ने लड़की को एक ऑब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल किया है और अपने पोस्टर के जरिए सेक्स परोसने की कोशिश की है ताकि लोभ में आकर छात्र उनके यहां एडमिशन ले सके। नानजिंग यूनिवर्सिटी ने अपने ऑनलाइन एडवर्टिजमेंट में ऐसे आपत्तिजनक साइन बोर्ड पोस्ट किए, जिसके बाद यूनिवर्सिटी पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आलोचकों का मानना है कि नानजिंग विश्वविद्यालय (एनजेयू) महिलाओं को ऑब्जेक्टक के रूप में दिखाकर उनका अपमान कर रहा है।
दरअसल, विश्वविद्यालय ने चीन के राष्ट्रीय कॉलेज प्रवेश परीक्षा, गाओकाओ एग्जाम के पहले दिन चीनी ऐप वीबो पर ऑनलाइन विज्ञापन पोस्ट किया। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, विज्ञापन में कैंपस के अलग-अलग हिस्सों के सामने मौजूदा छात्र-छात्राओं की छह तस्वीरें दिखाई गई हैं, जो साइन बोर्ड पकड़े हुए हैं। इन तस्वीरों में से दो तस्वीरों को लेकर सबसे ज्यादा आलोचना हो रही है। एक फोटो में एक सुंदर लड़की दिखती है, जिसके हाथ में एक साइन बोर्ड है और उस पर लिखा था- क्या तुम मेरे साथ लाइब्रेरी में सुबह से रात तक रहना चाहते हो?, वहीं दूसरी तस्वीर में एक अन्य लड़की की फोटो है और उसमें लिखा हुआ है- क्या तुम चाहते हो कि मैं तुम्हारी जवानी का हिस्सा बनूं? हालांकि, कुछ अन्य तस्वीरों में लड़के साइन बोर्ड पकड़े हुए दिखते हैं, जिसमें आपत्तिजनक कुछ नहीं लिखा हुआ है। उदाहरण के तौर पर एक शख्स को एक साइन बोर्ड पकड़े हुए चित्रित किया गया था, जिसमें कहा गया था- क्या आप एक ईमानदार, मेहनती और महत्वाकांक्षी एनजेयू छात्र बनना चाहते हैं? वीबो पर किए गए पोस्ट पर एक यूजर ने कमेंट में लिखा- 'इस तस्वीर के साथ समस्या यह है कि यह महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार करती है जैसे कि उन्हें किसी का होना चाहिए। इन महिलाओं ने एनजेयू में जगह बनाई, लेकिन अब वे किसी और युवाओं के हिस्सा' हैं? यह बेहूदापन है। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा- एक टॉप यूनिवर्सिटी होने के नाते आपको लोगों को लुभाने के लिए हॉट लड़कों और सुंदर महिलाओं का उपयोग करने के बजाय अपने संसाधनों और अपने शिक्षाविदों की गुणवत्ता के आधार पर भर्ती करनी चाहिए। हालांकि, आलोचना के बाद एनजेयू ने विज्ञापनों को हटा दिया।
पवन सोनी/ईएमएस 10 जून 2021