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(नई दिल्ली) सीबीआई हिरासत में दलाल मिशेल, भाजपा-कांग्रेस के बीच आगस्ता-राफेल पर घमासान

06/12/2018

नई दिल्ली (ईएमएस)। यूपीए सरकार के दौरान हुई आगस्ता वेस्टलैंड डील का मामला फिर गर्मा गया है। आगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में कथित घोटाले की जांच के लिए दिल्ली की अदालत ने बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को सीबीआई की हिरासत में दे दिया है। मिशेल के भारत आने के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे पर हमलावर नजर आ रही हैं। इस विवाद ने बुधवार को तब और तूल पकड़ लिया जब यूथ कांग्रेस के लीगल सेल के इंचार्ज ऐडवोकेट एल्जो जोसेफ मिशेल की तरफ से कोर्ट में पेश हुए। भाजपा ने मामले को उछाला, तो कांग्रेस ने इसे जोसेफ का व्यक्तिगत फैसला बताते हुए उन्हें यूथ कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राफेल डील में हुए घोटाले से ध्यान हटाने के लिए मोदी सरकार मिशेल का इस्तेमाल कर रही है और उसने यूपीए द्वारा ब्लैकलिस्ट की गई आगस्ता/फिनमेकेनिका को प्रमोट करते हुए उसे काम दिया है।
ज्ञात हो कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने पिछले कुछ महीनों से मोदी सरकार को राफेल डील पर घेर रखा है। अब मिशेल के सफल प्रत्यर्पण ने भाजपा को भी पलटवार का मौका दिया है। दरअसल आगस्ता वेस्टलैंड डील मामला यूपीए काल का है। जांच एजेंसियां इस सौदे में मिशेल और अन्य दो बिचौलियों द्वारा भारतीय नेताओं व अफसरों को रिश्वत देने के मामले की जांच कर रही हैं। ऐसे में अब इस बात के आसार साफ नजर आ रहे हैं कि 2019 आम चुनावों से पहले संसद के शीतकालीन सत्र में भाजपा, कांग्रेस के बीच आगस्ता बनाम राफेल की जंग देखने को मिलेगी।
कांग्रेस और भाजपा के बीच इस भिड़ंत की शुरुआत भी हो चुकी है। दक्षिणपंथी विचारक एस गुरुमुर्ति ने मिशेल की तरफ से कोर्ट में पेश हुए एल्जो जोसेफ को सीधे तौर पर गांधी परिवार से ही जोड़ दिया है। गुरुमुर्ति ने ट्वीट कर इसे सोनिया परिवार द्वारा घोटाले में शामिल होने का एक तरह से कबूलनामा तक बता डाला। भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट कर कांग्रेस को घेरा। हालांकि जोसेफ ने पार्टी द्वारा एक्शन लिए जाने से पहले अपनी सफाई में कहा था कि वह अपने प्रोफेशनल क्षमताओं के लिए मिशेल की तरफ से पेश हुए थे, इसका कांग्रेस पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।
कांग्रेस ने मिशेल के प्रत्यर्पण को राफेल डील में घोटाले के आरोपों से बचने का रास्ता बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने विपक्ष को काउंटर करने के लिए मिशेल का प्रत्यर्पण कराया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर पलटवार करते हुए उसे यूपीए द्वारा ब्लैकलिस्ट की गई आगस्ता/फिनमेकेनिका कंपनी का 'प्रोटेक्टर और प्रमोटर' बताते हुए उसे खरीदारी के बडे़ ऑर्डर देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार बैन कंपनी आगस्ता वेस्टलैंड/फिनमेकेनिका की मदद करने में अपनी भूमिका छिपाने के लिए इस साजिश में जुटी है।
सुरेजवाला ने कहा कि मिशेल पहले ही आरोप लगा चुका है कि मोदी सरकार उसे इस मामले से निकालने की शर्त पर सोनिया गांधी का नाम लेने का दबाव बना रही थी। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जब मिशेल पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बदले में सवाल दागते हुए कहा कि मोदीजी ने अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये क्यों दिए। पीएम मोदी ने भी राजस्थान में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मिशेल के प्रत्यर्पण को मुद्दा बनाने की कोशिश करते हुए उसे यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी का राजदार तक बता डाला। ज्ञात हो कि इटली की कंपनी आगस्ता वेस्टलैंड के साथ वीवीआईपी चॉपर डील में हुए कथित घोटाले के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मिशेल को 5 दिन के लिए सीबीआई हिरासत में सौंपा है। ज्ञात हो कि मंगलवार रात को उसे दुबई से भारत लाया गया था।
विपिन/ईएमएस/06 दिसंबर 2018