व्यापार

‎पिछले सप्ताह सरसों में गिरावट और तेल में हुआ सुधार

25/08/2019

नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। वै‎श्विक बाजारों में तेजी होने की वजह से भारतीय बाजार में सस्ते आयात के कारण सरसों और बिनौला मिल डिलीवरी हरियाणा तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज हुई, जबकि त्यौहारों सीजन के बीच स्थानीय मांग से पामोलीन और मूंगफली सहित कुछे अन्य खाद्य तेल कीमतों में तेजी आई। बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में त्यौहारी मांग आने वाले दिनों में बढ़ने की संभावना है। मलेशिया से पामतेल का आयात सरसों व अन्य तेलों के मुकाबले अधिक सस्ता है जिसके कारण स्थानीय स्तर पर इसकी खपत निरंतर बढ़ रही है। घरेलू तेल कारोबारियों का मानना है कि सरकार को सस्ते आयात से स्थानीय कारोबारियों को संरक्षित करना चाहिए। विगत सप्ताह सस्ते आयात के कारण मंडी में कमजोर मांग होने से सरसों दाना (तिलहन फसल) का भाव 20 रुपए के नुकसान के साथ 3,920-3,940 रुपये प्रति क्विन्टल रह गया। जबकि सरसों दादरी का भाव भी 20 रुपए घटकर 7,900 रुपए क्विन्टल पर बंद हुआ। दूसरी ओर सरसों पक्की और कच्ची घानी के भाव क्रमश: 1,290-1,590 रुपए और 1,490-1,640 रुपए प्रति टिन पर अपरिवर्तित बंद हुए। दूसरी ओर मंडी में स्टॉक की कमी और स्थानीय मांग के कारण मूंगफली दाना (तिलहन फसल) के भाव 100 रुपये के सुधार के साथ 4,730-4,880 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। जबकि मूंगफली मिल डिलीवरी गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड के भाव क्रमश: 250 रुपए और 15 रुपये के सुधार के साथ 11,500 रुपए और 1,885-1,925 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। सोयाबीन मिल डिलीवरी दिल्ली के भाव 8,120 रुपए प्रति क्विन्टल पर अपरिवर्तित रहे जबकि स्थानीय कारोबारियों की साधारण मांग की वजह सोयाबीन मिल डिलीवरी इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव क्रमश: 30 रुपए और 20 रुपए के सुधार के साथ क्रमश: 7,950 रुपए और 7,100 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। शनिवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के कारण तेल तिलहन बाजार बंद थे।
सतीश मोरे/25अगस्त