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संकट से उबर सकती है जेट एयरवेज, एतिहाद एयरवेज को मनाने में जुटा एसबीआई

19/03/2019

नई दिल्ली (ईएमएस)। विमानन कंपनी जेट एयरवेज को मुश्किल से उबारने के लिए सोमवार को एतिहाद एयरवेज के सीईओ टोनी डगलस की एसबीआई के अधिकारियों से बातचीत हो रही है। अधिकारियों के बीच होने वाली बातचीत से उम्मीद की जा रही है कि आपसी सहमति से रिजोल्यूशन प्लान के गतिरोध को दूर किया जाएगा। बैंकों के प्रस्तावित प्लान के मुताबिक एतिहाद एयरवेज को 750 करोड़ की रकम तुरंत निवेश करनी थी। बदले में बैंक भी एयरलाइन में उतनी ही रकम डालने वाले थे। लेकिन एतिहाद एयरवेज इस प्लान पर सहमत नहीं हो पा रहा है। एतिहाद एयरवेज का कहना हैं कि डेढ़ से दो हज़ार करोड़ के नए निवेश के बाद भी जेट एयरवेज में हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से कम ही रहेगी। इसकारण एतिहाद एयरवेज को ओपन ऑफर लाने से रियायत नहीं मिल पा रही है। दरअसल सोमवार को होने वाली बातचीत इस मायने में भी अहम है क्योंकि जेट के प्रमोटर नरेश गोयल ने कर्मचारियों को लिखी चिट्ठी में 18 मार्च तक हल निकलने का भरोसा दिया था। इस बीच नकदी की तंगी की वजह से उड़ानों पर असर पड़ रहा है। जेट के जहाज लगातार ग्राउंडेड हो रहे है। सोमवार को एयरलाइन ने किराया नहीं चुका पाने के कारण 4 जहाज ग्राउंडेड होने की जानकारी दी है। एयरलाइन के एक तिहाई जहाज अब तक ग्राउंड हो चुके हैं। आने वाले समय में और उड़ानों में दिक्कत हो सकती है। उड़ानें रद्द होने के कारण हवाई किराये बढ़ रहे हैं। इस मामले पर एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए जल्द ही एयरलाइंस के साथ एक बैठक भी करने वाला है। जेट एयरवेज ने अपने डिबेंचर होल्डर्स को भी संकेत दिया है कि मंगलवार को पेमेंट किए जाने वाले ब्याज की अदायगी में देरी हो सकती है।
दूसरी तरफ पट्टे पर लिए विमानों का किराया नहीं चुका पाने के कारण जेट एयरवेज ने चार और विमान खड़े कर दिए हैं। इसी के साथ कंपनी अब तक 41 विमानों का परिचालन बंद कर चुकी है। वित्तीय संकट में फंसी कंपनी पूंजी जुटाने के तरीकों पर विचार कर रही है। जेट एयरवेज की तरफ से शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया गया कि 'विमानों को पट्टे पर देने वाली कंपनियों का बकाया नहीं चुका पाने के कारण एयरलाइन को चार और विमान खड़े करने पड़े हैं। जेट एयरवेज की वेबसाइट के अनुसार उसके पास में कुल 119 विमान हैं। कंपनी की तरफ से एक अन्य सूचना में कहा गया 'नकदी को लेकर अस्थायी बाधाओं के चलते डिबेंचर धारकों को 19 मार्च, 2019 को दिए जाने वाले ब्याज के भुगतान में देरी होगी।
आशीष/ईएमएस 19 मार्च 2019