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वायु उड़ा देगा मानसून के बादल

12/06/2019

उत्तर भारत में मचा सकता है हाहाकार, कल पहुंचेगा गुजरात
नई दिल्ली (ईएमएस)। भीषण गर्मी झेल रहे उत्तर भारत में मानसून के देरी से पहुंचने की भविष्यवाणी पहले ही की जा चुकी है। धीरे-धीरे कदमों से आगे बढ़ रहे मानसून से लग रहा था कि मैदानी इलाकों में कुछ दिनों बाद राहत मिलेगी लेकिन चक्रवाती तूफान वायु के चलते अब एक आशंका यह पैदा हो गई है कि कहीं यह मानसूनी बादल को ही न ले उड़े। अगर ऐसा हुआ तो उत्तर भारत में हाहाकार मच जाएगा क्योंकि पूरे मैदानी इलाकों में किसान खेती-बाड़ी के लिए मानसून की बारिश पर ही निर्भर होते हैं।

गुजरात में अलर्ट
बहरहाल, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुजरात के तटवर्ती इलाकों में चक्रवाती तूफान वायु आने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर से उठने वाला चक्रवाती तूफान वायु 75 किलोमीटर से लेकर अधिकतम 135 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के साथ प्रदेश के कई इलाकों में चलेगा। चक्रवाती तूफान 12-13 जून को सौराष्ट्र तट पर दस्तक दे सकता है।
धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है मानसून
एक सप्ताह की देरी से आए दक्षिणी-पश्चिमी मानसून को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून दक्षिणी अरब सागर, लक्षद्वीप के अधिकांश हिस्सों और केरल और दक्षिण तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार तक पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही थीं।

10 जिलों के स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पूरे राज्य में 13 से 15 जून तक तीन दिवसीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम रद्द कर दिया है। उन्होंने वायु चक्रवात से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले 10 जिलों में 13 और 14 जून को स्कूल और कॉलेजों में 2 दिन की छुट्टी घोषित कर दी है।

एनडीआरएफ तैनात
मौसम विभाग ने इसके मद्देनजर सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में 13 और 14 जून को भारी बारिश होने और 110 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए गुजरात सरकार ने भी 'हाई अलर्टÓ जारी करते हुए सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों को तैनात किया है।

गृह मंत्री ने तैयारियों का लिया जायजा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को चक्रवाती तूफान की वजह से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लिया। एक उच्चस्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा करने के बाद शाह ने वरिष्ठ अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और सभी जरूरी सामग्रियों के रखरखाव जैसे बिजली, टेलीकम्युनिकेशन, स्वास्थ्य, पीने का पानी समेत अन्य चीजों को सुनिश्चित करने के लिए कहा है। इसके साथ ही तूफान से क्षति होने की स्थिति में इन चीजों को जल्द से जल्द बहाल करने के आदेश दिए।
एसएस/ईएमएस 12 जून 2019