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(बैतूल) निलय डागा-हेमंत खंडेलवाल में मुकाबला...!, -बैतूल विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबला बनाने के लिए दर्जन भर दावेदार क्षेत्र में सक्रिय

08/09/2018

बैतूल(ईएमएस)/नवल-वर्मा । विधानसभा चुनाव के लिए मैदान पूरी तरह तैयार हो चुका है नेता भी सक्रिय होकर विधानसभा क्षेत्र में लोगों से मिलजुल रहा है जिले के सबसे लोकप्रिय और कद्दावर नेता हेमंत खंडेलवाल के वर्चस्व वाली विधानसभा सीट पर दर्जनभर उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी जता रहा हैं ।
भाजपा और कांग्रेस पार्टी से अलग-अलग नेताओं की दावेदारी से लोगों में जन चर्चा का विषय बन रहा है।
कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने वाला है ऐसे में बैतूल विधान सभा में सत्ताधारी भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए कांग्रेसी भी कोई कसर छोड़ने वाली नहीं है।
लेकिन वर्तमान परिदृश्य में हेमंत खंडेलवाल से बड़ा नेता विधानसभा में दिख नहीं रहा है।
विकास पुरुष के नाम पर पहचान बनाने वाले हेमंत खण्डेलवाल का मुकाबला निलय डागा या फिर राजेंद्र देशमुख, हेमंत वागद्रे से होगा यह तो भविष्य के गर्त में दबा है ।
लेकिन भाजपा में ही एक महिला नेत्री सक्रिय रुप से काम कर रही है जो कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं और वर्तमान मे लता राजू महस्की द्वारा रक्षाबंधन पर्व पर बैतूल विधानसभा में घर-घर लोगों को रक्षा सूत्र भिजवाकर एक संदेश दिया है । इस संदेश के पीछे बहुत बड़े-बड़े कारण हैं, हेमंत खंडेलवाल को घेरने के लिए भाजपा में भी सब कुछ उतना अच्छा नहीं है जो संगठन समझता है। पिछले दिनों संगठन में बदलाव करते हुए जिला अध्यक्ष को हटाकर अपनी पसंद का अध्यक्ष बनाकर हेमंत ने अपनी ताकत का परिचय दिया है। वहीं दूसरे खेमे ने बदले की भावना से काम करने के लिए अभी से विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता प्रारम्भ कर दी है ।

हेमंत के सामने कौन निलय या राजेंद्र
बैतूल विधानसभा में वर्तमान विधायक हेमंत खंडेलवाल से मुकाबले को लेकर अभी तक विपक्ष पार्टी कांग्रेस के पास कोई लोकप्रिय चेहरा नहीं है। हालांकि पूर्व विधायक विनोद डागा के पुत्र निलय डागा की उम्मीदवारी से भाजपा खेमे में थोड़ी बेचैनी जरूर है। वहीं कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी से के कारण भाजपा अभी भी जीत को लेकर आश्वस्त है। वैसे निलय डागा भी युवाओं में लोकप्रिय चेहरा है, लेकिन हेमंत खंडेलवाल के सामने विपक्ष से ज्यादा उनके अपने ही खतरा पैदा कर सकते हैं। ज्यादातर लोग हेमंत खंडेलवाल का विरोध करने वाले उनकी ही पार्टी में देखे जा सकते हैं । चौक चौराहे पर हेमंत खंडेलवाल के किए गए वादों पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाते हैं । और देखा जाये तो इस सबसे परे हटकर हेमंत खंडेलवाल लगातार काम कर रहे हैं ।

जातिगत समीकरण साधने की कोशिश
बैतूल विधानसभा में कुन्बी समाज के मतदाता अधिक होने के कारण जातीगत समीकरण साधने के लिए कांग्रेस पार्टी और भाजपा पार्टी से एक महिला नेत्री का नाम सामने आया है।
कांग्रेस में राजेंद्र देशमुख, हेमंत वागद्रे कुन्बी समाज से आते हैं और वहीं लता राजू महस्की भी कुन्बी समाज से होने की वजह से भाजपा में अपनी दावेदारी करने के लिए लोगों का समर्थन हासिल कर रही है।
हालांकि इतना सब कुछ आसान नहीं है क्योंकि सामाजिक समीकरण साधने के लिए कांग्रेस के पास अभी भी कुन्बी समाज से बड़ा चेहरा नहीं है।
नवल-वर्मा-बैतूल /08-सितम्बर-2018