क्षेत्रीय

सावन के बाद झूमकर बरस रहा भादों

25/08/2019

रुक रुक कर दिन भर होती रही तेज बारिश, घरों में घुसा पानी
अशोकनगर (ईएमएस)। सावन के बाद अब भादों भी झूमकर बरस रहा है। पिछले दिनों की जोरदार बारिश के बाद अब रविवार को फिर एक बार बारिश का दौर शुरु हुआ है। सुबह से शुरु हुई बारिश रविवार दिन भर होती रही। रुक-रुक कर कभी तेज, तो कभी रिमझिम बारिश ने पूरे शहर में पानी-पानी कर दिया। जिसने निचली बस्तियों में घरों में पानी भर गया।
रविवार की सुबह हल्की फुहारों के साथ शुरू हुई बरसात दोपहर तक तेज बारिश में तब्दिल हो गई। दिन भर हुई बारिश के कारण जन जीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ। हालांकि दोपहर में कुछ समय के लिए बारिश थमी तो लेकिन करीब 2 बजे से तेज बारिश का दौर शुरु हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। इससे शहर की सडक़ों पर पानी बहने लगा। वार्ड नम्बर 6 नहर कालोनी की गलियों से नदियों जैसी तेज धार बह रही थी। लगातार बारिश से पूरे जिले में आवागमन प्रभावित हो रहा है। वर्षा पूर्व नालों की सफाई, सडक़ों का मेंटीनेंश न होने के कारण अब नागरिकों को परेशानी भुगतनी पड़ रही है। रविवार को हुई बारिश के कारण शहर के कई इलाके टापू बन गए थे। विदिशा रोड़ स्थिति सांई सिटी कालोनी और ऊर्जा कालोनी के बासिंदों को भी कुछ ऐसे ही हालातों से दो-चार होना पड़ा। इन दोनों कालोनी में प्रवेश करने के लिए मुस्कान पब्लिक स्कूल के पास से रास्ता है लेकिन स्टेट हाईवे पर घुटने से ऊपर तक पानी भरा होने के कारण लोग कालोनी से बाहर नहीं लिकल पाए। पछाड़ीखेड़ा रोड़, कोलुआ रोड़, नगेश्री तिराहा, वाल्मीकि मोहल्ला, दुबे लॉज वाली गली आदि सडक़ों पर भी लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। ओव्हर ब्रिज की हालत भी बेहद खराब है। ब्रिज पर जगह-जगह हो रहे गड्ढों के कारण हादसों की आशंका हर पल बनी रहती है। बारिश से जहां जन जीवन अस्त वयस्त है और फसलों के नष्ट होने का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
गलनें लगी फसलें:
मौसम का यह मिजाज खरीफ की फसल के लिए नुकसान दायक साबित हो रहा है। खेतों में खड़ी फसल धूप के इंतजार में खराब होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। पिछले दिनों से हो रही बारिश के कारण खेत तालाबों में बदल गए हैं जिससे फसलें गलने लगी हैं। अभी भी आसमान में बादलों का डेरा है जिससे बारिश की संभावना बनी हुई है। इस कारण अन्नदाता किसान बेहद चिंतित है। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के अधिकांश हिस्सों में जन जीवन प्रभावित हो रहा है। इससे फसलें भी संकट में आ गई हैं। जिले में बारिश की हालत ये है कि एक बार की बारिश का पानी सूख नहीं पाता है कि दूसरी बार मूसलाधार बारिश शुरु हो जाती है। जिले में औसत बारिश का टारगेट करीब-करीब पूरा हो चुका है। लेकिन अभी भी आसमान से कभी रिमझिम तो कभी तेेज बौछारें बसर रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिन खेतों में पानी भरा है उनकी फसल गलने की आशंका है। किसानों को खेत में से पानी की निकासी करने का इंतजाम करना चाहिए। दूसरी ओर किसानों के मुताबिक खेतों में से पानी निकलने की व्यवस्था नहीं है इसके अलावा लगातार बारिश के कारण ऐसा संभव भी नहीं हो पा रहा है। जिससे फसलें गल रहीं हैं और सोयाबीन के पत्ते पीले पडऩे लगे हैं। सबसे खराब हालत उड़द की फसल की है। उड़द को कम पानी की जरूरत होती है लेकिन खेतों में पानी भरने की बजह से यह फसल लगभग नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है।
प्रवीण/25/08/2019