क्षेत्रीय

लंपी वायरस को लेकर पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट, लोगों को जागरूक करने हेतु चला रहे अभियान

21/09/2022

शाजापुर (ईएमएस)। लंपी वायरस को लेकर पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट हो गया हैै और इसीके चलते जिले में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर जागरूकता अभियान चला रहे है। जिला नोडल अधिकारी डॉ प्रतिभा मालवीय ने बताया कि बीमारी से सुरक्षा एवं बचाव के उपाय के लिए पशु-पालक संक्रमित पशु को अन्य स्वस्थ पशु से तत्काल अलग करें। पशुशाला, घर आदि जगह पर साफ-सफाई, जीवाणु, विषाणु नाशक रसायन जैसे फिनाईल, फार्मेलिन एवं सोडियम हायपोक्लोराईड आदि से करने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही पशु पालकों को समझाईश भी दी जा रही है कि वे वर्तमान में पशु क्रय नहीं करें विशेषतौर पर राजस्थान एवं गुजरात के पशु का क्रय बिल्कुल भी नही करें। पशुशाला के आसपास पानी जमा नहीं होने दें। पशुपालकों को शाम के समय पशु शेड में नीम के पत्तों से धुआं करने की सलाह भी दी जा रही है। अभियान के तहत गौशाला में आने वाले नये पशुओं को 10 से 15 दिनों के लिए अन्य पशुओं से अलग रखने, पशु की मृत्यु होने पर उसे गहरा गढ्ढा खोदकर चुना एवं नमक डालकर शव निष्पादन करने, शव निष्पादन स्थल जल स्त्रोत एवं आबादी से दूर रखने को लेकर प्रेरित किया जा रहा है। उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ एकेसिंह ने लंपी स्किन डिसीज बीमारी के प्रकोप को देखते हुए पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे पशुओं में बीमारी के शुरूआती लक्षण हल्का बुखार, पूरे शरीर में चमड़ी पर उभरी हुई गठानें दिखाई देने पर निकट्स्थ पशु चिकित्सा संस्था एवं पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें। सिंह ने बताया कि लंपी स्किन डिसीज बीमारी के प्रकोप से रतलाम, उज्जैन, नीमच, मंदसौर जिले के एवं पड़ोसी राज्य राजस्थान तथा गुजरात के पशु प्रभावित हैं। लंपी स्किन डिसीज पशुओं की एक विषाणुजनित बीमारी है जो कि मच्छर, मक्खी एवं टिक्स चिंचोड़ी आदि के काटने से एक पशु से दूसरे पशु में फैलती है। बीमारी में अधिकतर संकमित पशु 2 से 3 सप्ताह में ठीक हो जाते हैं एवं मृत्युदर 1 से 5 प्रतिशत है।
राजेश कलजोरिया/21/06/2022