लेख

अब बिना पैर के भी दौड़ सकेंगे जतिन! (लेखक- डॉ श्रीगोपाल नारसन / ईएमएस )

21/11/2020

मात्र नो माह की उम्र में मधुमेह की बीमारी हो जाने और फिर उसके दुष्प्रभाव के चलते अपना एक पैर खो देने वाले जीवटता के धनी जतिन खत्री ने बीमारी से लड़ते हुए ही न सिर्फ सफलता की मंजिल की छुआ है अपितु दिव्यांग होने के बावजूद दौड़ने में भी महारथ हासिल की है।आज जतिन एक हार्डवेयर एंड साफटवेयर लर्निंग इंजीनियर है।उन्‍होंने पढ़ाई में भी कभी हार नहीं मानी।वही खेल के क्षेत्र में भी उन्होंने हाथ आजमाया। वह फुटबॉल खेलते है, क्रिकेट खेलते है और दौड़ लगाकर सामान्य धावक से भी आगे निकल जाते है।वह भी तब जब 31 साल के जतिन को अपने शरीर को मधुमेह से नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन चार बार एंसुलिन लगाना पड़ता है।
माता पिता की हिम्मत और जतिन खत्री की संघर्ष भरी कहानी सुनकर सदी के महानायक अमिताभ बच्‍चन भी भावुक हो गए।अपनी आप बीती सुनाते हुए जतिन खत्री की आंखों में भी बार बार आंसू आए । कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर हॉट सीट पर बैठने का गौरव प्राप्त करते हुए जतिन ने अपना पैर खोने की पूरी दास्तान बताई। उन्‍होंने बताया कि बीमारी की वजह से उनका पैर ड्राई गैंगरीन हो जाने से धीरे-धीरे पत्‍थर जैसा होता चला गया और एक दिन उनके पैर को काटना पड़ा।जिससे वे हमेशा के लिए दिव्यांग हो गए। इसी कारण अब वह क्रत्रिम पैर से चलते हैं और दुनिया के साथ बराबर की कदमताल करते हैं।
जतिन खत्री के स्वयं के शब्दों में,' हर रोज जब वह सुबह उठते हैं तो उनमे एक नकारात्‍मकता होती है कि वह कभी दौड़ नहीं सकेंगे। लेकिन वह दौड़ना चाहते हैं और इसके लिए केबीसी से जीती हुई रकम से रनिंग प्रोस्‍टेथिक लेग खरीदना चाहते हैं।' अमिताभ बच्‍चन ने उनकी बात बहुत गौर से सुनी ,शायद अमिताभ बच्चन के ही प्रस्ताव पर ही सोनी इंटरटेनमेंट चैनल ने जतिन खत्री के लिए रनिंग प्रोस्‍टेथिक लेग देने का ऐलान किया। अमिताभ बच्‍चन ने कहा कि जतिन खत्री चाहें कितनी भी रकम जीतें, उनके लिए रनिंग प्रोस्‍टेथिक लेग को देने का फैसला सोनी इंटरटेनमेंट चैनल ने कर लिया है।
जतिन खत्री ने अपनी योग्यता के बल पर छ लाख चालीस हजार रुपये जीतने में कामयाबी हासिल की।लेकिन जब अमिताभ बच्‍चन ने जतिन से 12 लाख 50 हजार रुपये के लिए उनसे प्रश्न पूछा कि- सैयदा अनवरा तैईमूर जिनका 2020 में न‍िधन हुआ है, वो किस राज्‍य की पहली महिला मुख्‍यमंत्री थीं? इसके ऑप्‍शन थे ए. ओडिशा बी. असम सी. त्रिपुरा डी. सिक्किम! जतिन को इस सवाल का जवाब नहीं मालूम था और उन्‍होंने क्विट करने का फैसला किया। शो से जाने से पहले उन्‍होंने एक जवाब चुना- त्रिपुरा। यह गलत जवाब था। सैयदा अनवरा तैईमूर असम की पहली महिला मुख्‍यमंत्री थीं।यानि यदि जतिन खेल न छोड़ते तो हार जाते ।परन्तु उन्होंने अपनी सूझबूझ से समय रहते खेल छोड़कर छ लाख चालीस हजार रुपये की जीत हासिल की जो उनके भविष्य का सुखद आधार बनेगी।साथ ही जतिन भविष्य में दौड़ भी सकेंगे।
ईएमएस/ 21 नवम्बर 2020