क्षेत्रीय

विभाग की लापरवाही से घडिय़ाल की मौत

11/01/2019

मुरैना (ईएमएस)। पिछले कई दिनों से जाल में फंसा घडियाल भूख से तड़पताल रहा और विभाग उसका जाल नहीं कटवा पाया, चार महीने तक संघर्ष करने के बाद घडियाल की बीते रोज मौत हो गई। विभाग की लापरवाही के कारण ही मौत के पीछे और क्या रहस्य है ये तो विभाग के अधिकारी कर्मचारी समझें। फिलहाल मौत के बाद घडियाल का पोस्टमार्टम श्योपुर कराया गया।
जानकारी के अनुसार जिले में घडिय़ालों को सुरक्षित करने के लिए सेंचुरी की स्थापना की गई लेकिन उनके पास इनकी सुरक्षा के लिए कोई भी संसाधन नहीं है जिसके कारण आये दिन घडिय़ालों की मौत हो रही हैं। जिले के सबलगढ़ क्षेत्र के पाली घाट में एक घडिय़ाल की मौत हो गयी। घडिय़ाल दुर्लभ प्रजाति के जीवों में शुमार हैं। इनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए सरकार ने मुरैना में चम्बल सेंचुरी की स्थापना की हैं। लेकिन यहाँ घडिय़ालों की सुरक्षा के लिए कोई भी इंतजाम नही किए गए हैं।पिछले दिनों चम्बल अभ्यारण देवरी की सेंचुरी में 7 घडिय़ालों की मौत हो गयी। परंतु मौत की घडिय़ालों का कोई भी पता नही चल सका हैं।इतना ही नही आज एक और घडिय़ाल की मौत हो गयी।लेकिन संबंधित अधिकारी कुछ भी बताने से पीछे हट रहे हैं।घडिय़ालों से जुड़ा एक मामला सामने आया था जिसमें करीब 4 माह से घडिय़ाल जाल में फंसा हुआ है।लेकिन अधिकारियों ने मौत से जूझ रहे घडिय़ाल का कोई भी इंतजाम नही किया हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जाल में फसे घडिय़ाल की मौत हो गयी लेकिन अधिकारी बताने के लिए तैयार नही है।इस पूरे मामले में डीएफओ पीड़ी गिरेबियाल का कहना है कि आज जो घडिय़ाल की मौत हुई है ।उस घडिय़ाल को पाली घाट से लाया गया था।वह अधेड़ उम्र का था ।उसका श्योपुर में पीएम करवा दिया है।
ईएमएस/प्रवीण/11/01/2018