राज्य समाचार

राजधानी में जारी है जनता कर्फ्यू

22/03/2020


प्रमुख बाजार, सब्जी मंडी, मंदिर रहे बंद, मुख्य सडकों एवं गलियों पर पसरा सन्नाटा
भोपाल (ईएमएस)। कोरोना वायरस को रोकने के लिए प्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार सुबह सात बजे से जनता कर्फ्यू जारी है। सभी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अपील का पालन कर रहे हैं। भोपाल में पुरानी सब्जी मंडी में करीब 2 हजार से अधिक दुकानें हैं। जहां कोरोना वायरस के चलते पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। सुबह थोक में यहां सब्जियां बिकती हैं लेकिन आज सब्जी भी नहीं आई। सभी दुकानदारों ने जनता कर्फ्यू के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखी। इस मंडी में सुबह से ही हजारों लोगों की भीड़ लग जाती है। भोपाल शहर के नए भोपाल एरिया मसलन गोविंदपुरा, अशोकागार्डन, अध्योध्या बायपास, जेके रोड मिनाल कालोनी, साकेत नगर, अरेरा कॉलानी, पिपलानी, बरखेडा, अवधपुरी, संत हिरदाराम नगर, कोलार इलाके की मुख्य सड़क पूरी तरह सुनसान पड़ी हुई है। जनता कर्फ्यू के लिए लोग स्व प्रेरणा से घरों में ही बैठे हैं। आमतौर पर सुबह 9 से 12 बजे के बीच इस सड़क पर काफी ट्रैफिक होता है और कई बार तो जाम की स्थिति भी रहती है। राजधानी के ज्यादातर इलाके की सभी दुकानें बंद हैं। लोग रात 9 बजे तक सभी अपने घरों के अंदर ही रहेंगे, इस दौरान शाम 5 बजे सभी घरों की दरवाजे, गैलरी या आंगन में खड़े होकर कोरोना वायरस को हराने में जुटे जुटे डॉक्टरों, चिकित्साकर्मियों, पुलिस, मीडिया, एयरलाइन और परिवहन सेवाओं से जुड़े योद्धाओं के सम्मान में थाली और ताली बजाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू और सिवनी जिला प्रशासन के लाग डाउन का व्यापक असर सिवनी शहर सहित जिले में दिखाई दे रहा हैं। रविवार को लोग घरों से बाहर नहीं निकले। शहर के व्यस्ततम इलाके बुधवारी बाजार, छिंदवाड़ा चौक, नगर पालिका चौराहे, बस स्टैंड, पोस्ट ऑफिस तिराहे पर स्थित सेल्फी प्वाइंट, कचहरी चौक, बरघाट रोड गणेश चौक सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में सुबह से ही खामोशी हैं। सुबह करीब 9 बजे के करीब इन सभी क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं से जुड़े इक्का-दुक्का लोगों को छोड़कर अन्य कोई व्यक्ति सड़क पर दिखाई नहीं दिया। बस स्टैंड में पहुंचे कुछ यात्री भी गंतव्य की ओर रवाना हो गए। पीएम की अपील और जिला प्रशासन के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आम नागरिक स्वेच्छा से घरों में रहकर जागरूकता दिखा रहें हैं।
जबलपुर रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफार्म को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है यहां तक कि जनरल काउंटर पर भी टिकट का वितरण नहीं होगा। वितरण को 6 घंटे के लिए रोका गया है इसके अलावा ट्रैक पर होने वाले सभी मेंटेनेंस को भी रोक दिया गया है। ट्रैक मैन को घर में ही रहने की सलाह दी गई है और इमरजेंसी होने पर ही उन्हें आने के लिए कहा गया है।कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर किये जा रहे जनता कर्फ्यू का असर दमोह में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व शहर की सड़कों पर दिख रहा है। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनें खड़ी हैं और यात्री इनके चलने का इंतजार कर रहे हैं। जब पता चला कि ट्रेन नहीं चलेगी तो लोग वापिस घर लौट गए। यही हाल बस स्टैंड का है जहां यात्री बसे खड़ी है, लेकिन चल नहीं रही। लोग अपनी जिम्मेदारी समझरहे हैं और सड़कों पर नहीं निकल रहे।
होशंगाबाद रास्ते पर आज सुबह जब कुछ लोग सड़क पर दिखे तो यहां पहुंचे एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय ने स्वयं माइक से लोगों को घरों में रहने की अपील की। सड़क पर घूम रहे लोगों को घर जाने के लिए कहा। शहर में अन्य भी घूम रहे लोगों को पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने मास्क पहनने व घर जाने को कहा।भोपाल रेल मंडल के भोपाल, हबीबगंज, इटारसी, बीना समेत सभी 96 स्टेशनों पर प्लेटफार्म टिकट की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है। इसके अलावा स्टेशनों पर उन्हीं यात्रियों को प्रवेश देने का निर्णय लिया गया है जिनके पास यात्रा का कन्फर्म टिकट है। हाल ही में रेलवे के विभिन्न मंडल कार्यालयों ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ कम करने के लिए पलटफॉर्म टिकट 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया था। कोरोना का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरी पर पड़ा है। इनके सामने भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में मजदूरों के भरण-पोषण का खर्च जल्द ही सरकार उठा सकती है। राज्य शासन ने इस दिशा में विचार शुरू कर दिया है। निर्णय नई सरकार के अस्तित्व में आने के बाद ही हो सकेगा।
जबलपुर में कोरोना प्रभावित सामने आने और संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में अपर कलेक्टर और एसडीएम को मैदान में उतार दिया है। ये नोडल अधिकारी के रूप में अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की लगातार निगरानी करेंगे।इंदौर में सभी रेस्त्रां, बैंक्वेट हॉल और बार 31 मार्च बंद रखे जाएंगे। इंदौर होटेलियर एसोसिएशन ने स्वेच्छा से यह निर्णय लिया है। कोरोना वायरस के डर से विदेशों से मध्य प्रदेश आने वाले लोगों को खोजना मुश्किल हो रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद से पूरे प्रदेश में अब तक करीब 1100 लोग प्रभावित देशों से आ चुके हैं। इनमें अकेले 500 का पता भोपाल का है, लेकिन इनमें करीब 30 फीसदी लोग नहीं मिल रहे हैं। इसकी वजह यह है कि उनके पासपोर्ट में लिखा पता बदल गया है। फोन नंबर भी सभी में नहीं है। मध्य प्रदेश में शुक्रवार दोपहर तक एक भी मरीज नहीं था। इससे दूसरे देशों में रह रहे प्रदेश के लोग वहां से मध्य प्रदेश आ रहे हैं। प्रभावित देशों से भोपाल में आने वाले लोगों को क्षेत्र के अनुसार 8 जोन में बांट दिया गया है। हर जोन के लिए एक अधिकारी नियुक्त है। हर एक संदिग्ध की निगरानी का जिम्मा किसी न किसी कर्मचारी को दिया गया है। वह फोन व व्हॉट्सएप पर उसकी जानकारी लेते हैं।
सुदामा नर-वरे/22मार्च2020