लेख

(विचार मंथन) धारा 370 खत्म होने से पंजाब-दिल्ली के कारोबारियों को प्रतिदिन करोड़ों का नुकसान (लेखक-सनत कुमार जैन)

09/09/2019

केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटा दिए हैं। उसके बाद से कश्मीर के व्यापारियों के साथ-साथ पंजाब और दिल्ली के व्यापारियों के बीच प्रतिदिन करोड़ों रुपए का जो कारोबार था। वह पिछले एक माह से लगभग खत्म हो गया है। कश्मीर में बाजार दुकाने और सड़कें बंद हैं। पिछले एक माह से पंजाब के व्यापारी ना तो अपना सामान घाटी भेज पा रहे हैं, और नाही वहां से कोई सामान पंजाब आ रहा है। पंजाब के कारोबारियों का प्रतिदिन करोड़ों रुपए का व्यापार कश्मीर घाटी से हो रहा था। जो 1 माह से बंद पड़ा हुआ है। वहां से पैसा भी नहीं आ रहा है।
पंजाब के जालंधर शहर सहित कई जिलों से चावल, चिकन, अंडे, दूध, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ नियमित रूप से जम्मू कश्मीर भेजे जाते थे। उसका भी कारोबार पिछले 1 माह से बंद पड़ा हुआ है। पंजाब के कारोबारी आश्चर्य कर रहे हैं। घाटी के लोग किस तरह अपना जीवन यापन कर रहे होंगे। एक माह से वहां खाद्य सामग्री जा नहीं रही है। पंजाब के कारोबारी और पोल्ट्री फॉर्म के मालिकों की आर्थिक हालत 1 महीने में खराब हो गई है। उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया है।
जालंधर और लुधियाना के कारोबारियों पर सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। 5 अगस्त के बाद से पूरा कारोबार ठप्प हो गया है। लुधियाना के कारोबारी रोजाना लाखों रुपए का कपड़ा और होजरी कश्मीर घाटी भेजते थे, जो 1 माह से बंद है।जिसके कारण लुधियाना के छोटे बड़े हजारों व्यापारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।वह बर्बादी के कगार पर खड़े हो गए हैं।
पंजाब के व्यापारियों के करोड़ों रुपए कश्मीर के व्यापारियों के ऊपर बाकी हैं। पिछले एक माह से उन्हें भुगतान भी प्राप्त नहीं हुआ। कारोबारियों का सामान नहीं जाने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अंडा मुर्गी चावल,सब्जी उत्पादक किसानों और होजरी के व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जम्मू कश्मीर से धारा 370 को खत्म किए जाने के बाद पंजाब और दिल्ली के कारोबारियों पर, जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। कश्मीर घाटी से सेव, केसर, बादाम, अखरोट, लकड़ी कालीन एवं अन्य सामान बड़ी मात्रा में पंजाब के रास्ते दिल्ली तक आता था। पिछले एक माह से यह कारोबार पूरी तरह से बंद है कश्मीर घाटी गए सैकड़ों ट्रक और वाहन वहीं पर फंसे हुए हैं। पंजाब और दिल्ली के कारोबारी कश्मीर घाटी के व्यापारियों और वाहन चालकों से संपर्क भी नहीं कर पा रहे हैं। जिसके कारण आर्थिक रूप से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कारोबारियों को, धारा 370 खत्म होने के बाद बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसको लेकर पंजाब और दिल्ली के कारोबारियों का भी गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। यह नुकसान कब तक होगा, इसका भी पता व्यापारियों को नहीं लग पा रहा है। व्यापारियों के अनुसार अभी भी कश्मीर घाटी के 90 फ़ीसदी क्षेत्रों की दुकानें बंद है। केंद्र सरकार कश्मीर के जो हालत बता रही है। कश्मीर की स्थिति ठीक उसके विपरीत है। आर्थिक मंदी के चलते कारोबार पहले से ही ठप्प पड़ा हुआ था। जम्मू कश्मीर में वर्तमान स्थिति के कारण पंजाब और दिल्ली के हजारों व्यापारी अब दिवालिया होने की कगार पर खड़े हो गए हैं।
ईएमएस/09 सितम्बर2019