क्षेत्रीय

स्नातक के छात्र-छात्राओंसे बढ़ा परीक्षा शुल्क लेने पर निकाला पैदल मार्च

05/08/2022

अलीगढ (ईएमएस)। राजा महेंद्र प्रताप सिंह (आरएमपीएस) राज्य विश्वविद्यालय अलीगढ़ की ओर से स्नातक के छात्र-छात्राओं से बढ़ा हुआ परीक्षा शुल्क लिया जा रहा है। इसके विरोध में शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने एसवी डिग्री कॉलेज से पैदल मार्च निकाला। करीब 400 से 500 विद्यार्थियों ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के दोधपुर स्थित कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था की विद्यार्थियों से दोगुनी राशि लेकर उनका शोषण किया जा रहा है। इसको तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग भी कुलपति व रजिस्ट्रार के सामने उठाई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ब्रज प्रांत के पूर्व प्रांतीय मंत्री बलदेव चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय के अस्थाई कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। बलदेव चौधरी ने बताया की स्नातक वर्ग के विद्यार्थियों से आगरा यूनिवर्सिटी की ओर से 1500 रुपए परीक्षा शुल्क उन विद्यार्थियों से लिया जाता था जिनके पास प्रैक्टिकल के सब्जेक्ट नहीं होते थे। इसके अलावा जिनके पास प्रैक्टिकल के सब्जेक्ट होते थे उनसे 1700 रुपए परीक्षा शुल्क लिया जाता था। अब राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से सभी डिग्री कॉलेज संबद्ध हो गए हैं और इस वर्ष से प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर की व्यवस्था भी लागू हो गई है।
ऐसे में 1700 रुपए साल में एक बार देने के बजाय 1700-1700 रुपए दोनों सेमेस्टर में विद्यार्थियों से लिए परीक्षा शुल्क के लिए जा रहे हैं। इसके अलावा 200 रुपए डिग्री के लिए शुल्क पूर्व में आगरा यूनिवर्सिटी से निर्धारित था। इसको अलीगढ़ विश्वविद्यालय 100 रुपए बढ़ाकर अब 300 रुपए ले रहा है। इसके विरोध में यह धरना प्रदर्शन किया गया है। अगर इसको वापस करने का फैसला नहीं लिया गया तो विद्यार्थी अनशन करने को भी मजबूर होंगे। बताया कि अभी कुलपति प्रो. चन्द्रशेखर और रजिस्ट्रार महेश कुमार की ओर से ये निर्णय लिया गया है कि प्रवेश पत्र देने से पहले विद्यार्थियों से 200 रुपए प्रैक्टिकल की फीस मांगी जा रही है। उसको अभी रोक दिया जाए।
यह फीस लिए बिना ही बच्चों को प्रवेश पत्र वितरित किए जाएं। किसी का प्रवेशपत्र रोका न जाए। इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। वहीं डिग्री शुल्क के तौर पर जो 100 रुपए अतिरिक्त लिए जा रहे हैं वो ना लिया जाए। परीक्षा समिति के सामने यह प्रकरण रखा जाएगा। अगर इस शुल्क को वापस करने का समिति ने फैसला किया तो बच्चों को यह राशि वापस भी कर दी जाएगी। इस पर विद्यार्थियों ने अपना धरना-प्रदर्शन खत्म किया है।
धर्मेन्द्र राघव/05/08/2022