राज्य समाचार

सुल्तानिया में बनेगा 12 बिस्तरों का आईसीयू

26/03/2019


गंभीर रूप से बीमार महिलाओं का होगा इलाज
भोपाल (ईएमएस)। राजधानी के सुल्तानिया महिला अस्पताल में 12 बिस्तरों की अत्याधुनिक गहन चिकित्सा ईकाई (आईसीयू) बनाई जा रही है। इस आईसीयू में गंभीर रूप से बीमार महिलाओं का इलाज अब और बेहतर तरीके से हो सकेगा। ऑपरेशन थियेटर के पास टीटी (नसबंदी) वार्ड का आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके लिए उपकरण खरीदी की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अभी यहां पर सिर्फ छह वार्ड का आईसीयू है, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। दो महीने के भीतर आईसीयू बनकर तैयार हो जाएगा।दूसरी दिक्कत यह है कि गंभीर मरीजों की संख्या को देखते हुए बेड कम पड़ रहे हैं। लिहाजा नया आईसीयू बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की तरफ से गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) को 90 लाख रुपए मिले हैं। अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं वाला आईसीयू शुरू करने की जरूरत करीब तीन साल से महसूस की जा रही थी, पर जगह व बजट की कमी के चलते आईसीयू शुरू नहीं हो पाया था। अब बजट मिलने पर ओटी के पास टीटी वार्ड के कुछ हिस्से को आईसीयू बनाया जा रहा है। जेपी अस्पातल में और एम्स में अभी इस तरह का आईसीयू नहीं है।
मालूम हो कि मौजूदा आईसीयू में बेड कम होने की स्थिति में गंभीर हालत में मरीजों को निजी अस्पताल में रेफर करना पड़ता है। सुल्तानिया अस्पताल अभी छह बेड का आईसीयू है। पूरे अस्पताल में छह वेंटिलेटर हैं। आईसीयू के सभी बेड में वेंटिलेटर नहीं होने की वजह से मरीजों को परेशानी होती है। छह में से चार वेंटिलेटर पुरान हैं, उनके बार-बार खराब होने की वजह से दिक्कत होती है।मौजूदा आईसीय में सभी जरूरी उपकरण नहीं हैं।एम्स में वेंटिलरेटर कम पड़ने की वजह से मरीजों सुल्तानिया जाते हैं, पर बेड कम होने से दिक्कत हो रही थी। आईसीयू में जो उपकरण होंगे उनमें बेड, लेबर बेड, फीटल डाप्लर, डिफिब्रिलेटर, छोटी एक्सरे मशीन, अल्ट्रा साउंड मशीन कलर डाप्लर के साथ, ऑटोक्लेविंग मशीन, सेंट्रल मॉनीटर सिस्टम जिसमें एक जगह बैठ कर सभी मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी, ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर, अन्य तरह के वेंटिलेटर, वार्मर, एबीजी मशीन, फ्रीज, एसी, आरओ सिस्टम, व्हील चेयर व स्ट्रेचर शामिल है। इस बारे में सुल्तानिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अजय शर्मा का कहना है कि आईसीयू बनाने का काम चल रहा है। यहां पर सभी जरूरी उपकरण होंगे। करीब दो महीने के भीतर आईसीयू शुरू हो जाएगा। अभी छह बेड का आईसीयू है, पर मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से नया आईसीयू बनाने की जरूरत थी।
सुदामा नर-वरे/26मार्च2019