ट्रेंडिंग

सबरीमाला ‎विवाद : मं‎दिर में प्रवेश के बाद महिलाओं को ‎मिल रहीं धमकियां

11/01/2019

‎सबरीमाला(ईएमएस)। केरल के सबरीमाला मं‎दिर को ‎लेकर जारी हुआ ‎विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालही में भगवान अयप्पा के मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के बाद भी प्रदेश में तनाव के हालात बने हुए हैं। बता दें ‎कि सैकड़ों साल पुरानी परंपरा तोड़ते हुए दो महिलाएं ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश ‎किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से मंदिर में पारंपरिक प्रतिबंधको दो जनवरी से हटा ‎दिया गया था। कोर्ट के फैसले में मंदिर में 50 वर्ष से कम आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया गया था।
इसके बाद 42 वर्षीय कॉलेज लेक्चरर बिंदु और 39 वर्षीय कनकदुर्गा ने मंदिर में प्रवेश किया था। ‎जिसके बाद से दोनों महिलाओं को श्रद्धालुओं से लगातार धमकियां मिल रही हैं। कोर्ट के फैसले के बाद भी सबरीमाला मंदिर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सितंबर से ही सबरीमाला मंदिर क्षेत्र में मंदिर परिसर के अधिकारियों और श्रद्धालुओं के बीच झड़प हो रही है। यहां तक ‎कि श्रद्धालुओं इस मामले को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कोर्ट के फैसले के बाद 40 वर्षीय बिंदु अम्मिनि और 39 वर्षीय कनकदुर्गा ने सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए मंदिर में प्रवेश किया था। बिंदु केरल के कन्नूर विश्वविद्यालय में कानून की प्रवक्ता हैं वहीं कनकदुर्गा सिविल सर्विसेज में हैं। दोनों ने मीडिया को बताया बताया कि हिंसक धमकियों के बावजूद उन्होंने भगवान अयप्पा के दर्शन किए। कनकदुर्गा ने कहा ‎कि, 'हमें लोगों ने मंदिर में घुसने से रोका। वे हमें पीछे हटने के लिए रोक रहे थे। पुलिस अधिकारी और हमारे दोस्तों ने भी हमें ऐसा करने से रोका। क्योंकि वे जानते थे ‎कि हमें ऐसी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ेगा.'
इससे पहले 24 दिसंबर को मंदिर में प्रवेश करने की को‎शिश की थी, ले‎किन भारी ‎विरोध के चलते मंदिर जाने में कामयाब नहीं हो पायीं थी। बाद में जनवरी में मं‎दिर में प्रवेश कर सके। केरल के मुख्यमंत्री ने भी इसकी पुष्टि की थी कि 4 जनवरी को एक 46 वर्षीय महिला ने भी मंदिर में प्रवेश किया था। कानून की लेक्चरर बिंदु बताती हैं, 'हमें मंदिर जाने में डर नहीं लगा क्योंकि हमारा मकसद मंदिर परिसर में जाना था। ' केरल में दोनों महिलाओं के प्रवेश के बाद कई जगहों पर हिंसक विरोध प्रदर्शन भी हुए थे और एक दिन की राज्य में हड़ताल भी हुई थी। बिंदु ने कहा, भाजपा सरकार को अपने कार्यकर्ताओं को संभाल कर रखना चाहिए।
कोच्चि से बाहर किसी अनजान जगह से महिलाओं ने कहा कि उन्हें 2 जनवरी से ही प्रदर्शनकारियों से लगातार उन्हें धमकियां मिल रही हैं। लेकिन उन्हें सुरक्षा अधिकारियों पर भरोसा है कि वे उन्हें अगले सप्ताह तक सुरक्षित घर पहुंचाएंगे। वहीं बिंदु ने कहा ‎कि मैं हमेशा से कहती रही हूं कि मुझे पुलिस अधिकारियों और राज्य सरकार पर भरोसा है। हमें केरल के लोकतांत्रिक समाज पर भी भरोसा है।
‎मिथलेश / ईएमएस / 11 जनवरी 2019