राज्य समाचार

गरीबों को आवास, युवाओं के रोजगार की आस, शुद्ध हवा, साफ पानी हो सबके पास

20/03/2019

भोपाल(ईएमएस)। नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री जयवर्धनसिंह ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि
किसी काम की अच्छी शुरूआत अपने लक्ष्य की सफलता का संकेत होती है और यही मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने कर दिखाया है। 17 दिसम्बर 2018 को शपथ लेते ही मध्यप्रदेश कांग्रेस सरकार ने अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय दिया और चुनाव के पहले मध्यप्रदेश को दिए हुए वचनों की प्रतिपूर्ति में लग गई। आज समूचा प्रदेश एक स्वर में यह कह रहा है कि सुशासन की दिशा में बढ़ाया गया कमलनाथ सरकार का यह कदम प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा कर देगा और भविष्य का मध्यप्रदेश कांग्रेस सरकार के नेतृत्व में देश का सर्वाधिक विकसित प्रदेश होगा।
- प्रदेश का विकास शहरों से आस
याद कीजिए दिसम्बर 2005 में जब केन्द्र की कांग्रेस सरकार ने जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन की शुरूआत की थी तब इस शहरी विकास के इस कार्यक्रम की बुनियाद थी की शहरों का देश की जीडीपी में योगदान 55 प्रतिशत है, अगर शहर की अधोसंरचना विकास पर अधिक निवेश किया जाए तो देश अधिक तरक्की करेगा। मगर साथ ही इस बात का ध्यान भी रखा गया कि सिर्फ बड़े शहर ही नहीं छोटे और मझोले शहर का विकास भी किया जाना चाहिए और इस उद्देश्य को लेकर 2005 से 2014 तक देश के शहरी विकास के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रूपये का निवेश किया गया।
आज मध्यप्रदेश के संदर्भ में देखें तो प्रदेश के शहर एक निर्णायक भूमिका प्रदेश के विकास में निभा सकते है। बशर्ते उनका सुनियोजित विकास हो। इस दिशा में मैंने अपना काम संभालते ही कदम बढ़ाना प्रारंभ किया। हमारी सरकार का उद्देश्य है कि अगले पांच सालों में प्रदेश को निर्मल जल, स्वच्छ हवा और शुद्ध खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएं।
- मॉ नर्मदा निर्मल होगी
वर्तमान में प्रदेश में कुल 378 शहरी स्थानीय निकाय है (यूएलवी) जिसमें से 16 नगर निगम है, 98 नगर पालिका निगम और 264 नगर परिषद है और 30 नगर परिषद नई अधिसूचित की गई है । हमने लक्ष्य रखा है कि इन सारे शहरी निकायों में हम शुद्ध पानी और सेप्टेज मेनेजमेंट अर्थात जो अपशिष्ट है का प्रबंधन किया जाए। इस दिशा में हमने बीते दिनों इन्टर नेशनल बैंकिंग अथारिटी जैसे कि योरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक, जर्मन बैंक, वल्र्ड बैंक ऐशियन डेवलपमेंट बैंक, न्यू डेवलपमेंट बैंक इत्यादि से बीतें दो माह में चर्चा की है और वित्तीय प्रबंधन के लिए इन संस्थानों ने अपनी सैद्धांतिक सहमति भी प्रदान की है।
यह अलौकिक सौभाग्य है कि मध्यप्रदेश को मॉ नर्मदा का आशीष मिला है। मॉ नर्मदा की पवित्रता की व्याख्या स्कंध पुराण में भी मिलती है। अब हमारा दायित्व है कि मध्यप्रदेश के लिए जीवन दायनी मॉ नर्मदा की पवित्रता और शुद्धता को हम बरकरार रखें। इसलिए मैंने इस बात को निर्धारित किया है कि नर्मदा किनारे के समस्त 25 शहरी स्थानीय निकायों में सेप्टेज मेनेजमेंट का काम त्रीव गति से किया जाएं, ताकि नर्मदा किनारे का गंदा पानी मॉ नर्मदा में ना डाला जा सके।
- मध्यप्रदेश आई.टी और सर्विस सेक्टर का हॅब होगा
मध्यप्रदेश में निवेश की असीम संभावनाएं है। इसलिए हमने इस बात को निर्धारित किया है कि आईटी और सर्विस सेक्टर कम्पनियों के लिए प्रदेश के बड़े शहरों में हम भूमि और अधोसंरचना की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं, ताकि प्रदेश के युवकों को बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध हो सके। इस दिशा में हमने दो माह में काफी तरक्की की है, भविष्य का मध्यप्रदेश आई.टी. और सर्विस सेक्टर कम्पनियों का हब होगा।
- शहरों का होगा समावेशी विकास
हमारी मान्यता है कि मध्यप्रदेश के शहरों का विकास समावेशी होना चाहिए। जब मैं समावेशी कहता हूं तो वह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए और पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी माना जाना चाहिए। हम प्रदेश के शहरों में त्वरित गति से स्ट्रीट वेण्डर्स एक्ट को सही तरीके से लागू कराना हमारी प्राथमिकता होगी। ताकि पथ पर काम करने वाले लोगों को उनका अधिकार सौंपा जा सके। साथ ही शहरों का जो मास्टर प्लान अब निर्धारित होगा वो टीओडी बैस होगा। साथ ही प्रत्येक शहरों में बड़े सिटी फारेस्ट बनाए जाएंगे, ताकि शहरों को शुद्ध हवा मिल सके। शहरों के ट्रेफिक प्लान सुनिश्चित किए जाएंगे। साथ ही स्कॉय वॉक और जंक्शन सेप्रेटर्स भी सुनिश्चित किए जाएंगे।
मध्यप्रदेश में 34 शहरों में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान पुनर्रिक्षीत किए जा रहे है। इस हेतु जीआईएस स्टूडियों का निर्माण राज्य नगर नियोजन संस्थान में किया जा रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश को 8 रीजन में बांट कर रिजनल प्लान भी बनाए जा रहे है। पहला ग्वालियर एग्रो रीजन, भोपाल केपीटल रीजन, बीना पेट्रो केमीकल रीजन, इंदौर एग्रो रीजन, नर्मदा ताप्ती रीजन, मध्य सतपुड़ा रीजन, बघेल बुन्देलखंड रीजन और जबलपुर रीजन।
- शहरी युवाओं के कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का स्वप्न साकार
बीते 15 वर्षों में मध्यप्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र में युवाओं के रोजगार को सुनिश्चित करने का वचन दिया था। इस दिशा में हमने कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना प्रारंभ की है जिसमें शहरी गरीबों को अस्थाई रोजगार प्रदान करते हुए कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्थाई रोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है। आज दिनांक तक इस योजना में कुल 3 लाख 81 हजार 617 हितग्राहियों का पंजीयन हुआ है। 166 नगरी निकायों में ट्रेनिंग सेंटर्स की व्यवस्था भी की जा चुकी है जिसमें कुल 2 लाख 52 हजार 490 लोगों ने अपना पंजीयन कराया है। इन युवाओं को एक वर्ष में 100 दिवस का रोजगार और कौशल प्रशिक्षण के लिए 4 हजार रूपये प्रतिमाह स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा ।
- हर गरीब का घर होगा:
कांग्रेस पार्टी की हमेशा से मान्यता रही है कि प्रदेश में प्रत्येक आवासहीन व्यक्ति को आवास की उपलब्धता होनी चाहिए। केन्द्र की यूपीए सरकार ने इस दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया था और 2012 में देश के प्रत्येक राज्यों को इस बात पर सहमत कराया था कि प्रत्येक आवासहीन को राज्य सरकारें आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। मध्यप्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार ने भी इस बात की लिखित सहमति केन्द्र को दी थी। मगर इस दिशा में कोई निर्णायक कदम भाजपा की सरकार ने नही उठाया।
कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है कि वे इस दिशा में निर्णायक भूमिका अदा करेगी। इस तारतम्य में हाल ही में विगत दिनों बड़ी संख्या में इंदौर में अवैध कालोनियों को वैध किया गया हैं और यह क्रम प्रदेश भर में जारी रहेगा। बीते दो माह में कांग्रेस की सरकार ने जनवरी से आज दिनांक तक 75 हजार शहरी आवासी इकाईयों के लिए 482 करोड़ रूपये की राशि प्रदान की है। हमारा लक्ष्य है कि सभी 378 शहरी स्थानीय निकायों में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, स्लम में रहने वालो के लिए, निम्न आय वर्ग के लिए और मध्यम आय वर्ग श्रेणी-1 और 2 के लिए आवासों की सुनिश्चितता की जावेगी और भूमिहीनों के लिए आवास योग्य भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। अगले तीन सालों में लगभग 10 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट हमारी प्राथमिकता:
शहरों की सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए भविष्य के मध्यप्रदेश के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाना बेहत जरूरी है। इस दिशा में भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजना पर 6.22 किलो मीटर के प्रायरिटी पैकेज एम्स से सुभाष नगर और इंदौर के 5.29 किलो मीटर के प्रायरिटी पैकेज आईएसबीटी से एमआर 10 पर स्वाईल टेस्टिंग का कार्य प्रगति पर है। वित्तीय पोषण हेतु भोपाल के लिए यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक और इंदौर के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक और न्यू डेवलपमेंट बैंक के साथ 5.3.2019 और 6.3.2019 को क्रमशः बैठक की गई और इन वित्तीय संस्थाओं ने अपनी सैद्धांतिक सहमति भी दे दी गई है।
हम यह संकल्प लेते है कि मध्यप्रदेश में अगले पांच वर्षों में शुद्ध पेयजल, शुद्ध हवा और शुद्ध खाद्य सामग्री को सुनिश्चित करेंगे और मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक स्वच्छ प्रदेश होने का गौरव हासिल करेगा।
हरि प्रसाद पाल / 20 मार्च, 2019