लेख

ड्रोन उड़ाने वाले नक्सलियों को देखते ही गोली मारने का आदेश (लेखक -(अजित वर्मा/ईएमएस)

02/12/2019


माओवादियों द्वारा ड्रोन कब्जाने और उसके संचालन की घटना के हाल में सामने आने के बाद वामपंथी चरमपंथी प्रभावित राज्यों में तैनात सुरक्षा बलों को इन्हें देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए गए हैं। यह नया निर्देश केंद्र में स्थित सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों की केंन्द्रीय कमान द्वारा दिया गया है। हाल में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल हिंसा से सबसे बुरी तरह प्रभावित सुकमा जिले के केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपुब) शिविर पर ड्रोन या मानव रहित यान (यूएवी) मंडराने के मामले सामने आने के बाद यह निर्देश दिये गए है।
मौके पर तैनात बलों से साझा किए गए आधिकारिक संदेश के मुताबिक, लाल और सफेद रोशनी उत्सर्जित करने वाले ड्रोन पिछले तीन दिनों में कम से कम चार बार किस्ताराम और पालोडी में केरिपुब शिविर के पास उड़ते देखे गए। ड्रोन द्वारा होने वाली हल्की आवाज ने शिविर में तैनात जवानों का ध्यान खींचा जिसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला और नक्सलियों द्वारा गड़बड़ी फैलाने की आशंका को देखते हुए आसपास के शिविरों को सतर्क किया गया। हालांकि सुरक्षा बल जब तक इन ड्रोनों पर लक्ष्य साधकर उन्हें मार गिराते ये छोटे मानवरहित यान आसमान में गायब हो गए।
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद सुरक्षा प्रतिष्ठानों ने मामले की जांच शुरू की, जिसके बाद खुफिया एजंसियां मुुंंबई के एक दुकानदार के पास पहुंची जिसके बारे में संदेह है कि उसने अज्ञात लोगों को ड्रोन बेचे। ये लोग संभवत: नक्सली थे। इस संबंध में जांच जारी है।
खुफिया एजंसियां खास तौर पर दो शिविरों को लेकर चिंतित हैं, जहां ड्रोन देखे गए। ये दोनों शिविर नक्सल प्रभाव वाले इलाके में हैं। जहां समुचित सड़क संपर्क नहीं है और नियमित रूप से इसके आसपास सशस्त्र माओवादियों की आवाजाही देखी गई है क्योंकि इस इलाके की सीमा ओड़ीशा, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के जंगल से सटे इलाकों से लगती है। इस गतिविधि से जुड़ी जानकारी रखने वाले एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी का मानना है कि यह घटनाक्रम गंभीर चिंता का विषय है। माओवादियों द्वारा ड्रोन रखना और उसका इस्तेमाल करना एक नई चुनौती है और सुरक्षा बलों को लंबे समय से इसकी आशंका थी। अब जाकर यह मामला सामने आया है। इसी बात को ध्यान में रखकर ही वामपंथी चरमपंथ प्रभावित सभी राज्यों में सुरक्षा बलों को नक्सलियों द्वारा संचालित ऐसे ड्रोनों या मानवरहित यान को देखते ही मार गिराने का आदेश दिया गया है।
शुरुआती विश्लेषण में सामने आया है कि जो ड्रोन देखे गए वो ऐसे थे जिनका इस्तेमाल शादी या सार्वजनिक सभाओं जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में किया जाता है। एजंसियों को शक है कि नक्सलियों ने हाल में ये छोटे ड्रोन हासिल किए हैं जिनका उद्देश्य सुरक्षा बलों के शिविरों से जुड़ी जानकारियां हासिल करना और उनकी गतिविधियोंं पर नजर रखना आदि है।
.../राजेश/3.35/ 2 ‎दिसम्बर 2019