लेख

कानून से परे जातीय पंचायतों के फरमान! (लेखक-अजित वर्मा/ईएमएस)

09/11/2018


हमारे यहाँ जातीय पंचायतें और खाप आदि अब भी बेहद मजबूत हैं। उनके फरमान अक्सर देश के कानूनों के दायरे से बाहर होते हैं। हाल ही राजस्थान के जोधपुर में एक 22 वर्षीय सी.ए.युवती ने थाने पहुँचकर आत्महत्या कर ली। पता चला कि जातीय पंचायत ने उस पर 17 लाख का जुर्माना ठोका था और उस पर यह रकम देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। कारण यह सामने आया कि जब वह महज तीन साल की थी तभी उसकी शादी कर दी गई थी और बड़ी होने पर वह यह शादी नहीं करना चाहती थी।
याद किया जा सकता है कि कुछ दिन पहले झारखण्ड में भी एक पंचायत एक अन्य मामले में ऐसा ही गुल खिला चुकी है। झारखण्ड राज्य के चाईबासा की आदिवासी महापंचायत ने नाबालिग से रेप के आरोपी और इस कुकृत्य से गर्भवती हुई नाबालिग पीड़िता को जिंदा जलाने का फरमान सुना दिया था।
चाईबासा की मंझारी थाना क्षेत्र में एक 13 साल की लड़की रेप के बाद गर्भवती हो गई तो गांववालों ने महापंचायत बुलाई। पंचायत ने रेप करने वाले आरोपी और पीड़िता पर पांच लाख का जुर्माना लगाकर उन्हें जिंदा जलाने का फरमान सुना दिया। इस दौरान ‘हो आदिवासी समाज युवा महासभा’ के पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद थे। पहले महापंचायत ने रेप के आरोपी रोबिन को पंचायत में बुलाया जहां उसने जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद महापंचायत ने उन्हें सजा सुनाई।
करीब दो साल से आरोपी रोबिन पीड़िता के घर में रह रहा था। इसी बीच रोबिन ने डरा-धमकाकर छठी कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की भतीजी के साथ रेप किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। मामला उजागर होने के बाद कुछ हफ्ते पहले भी गांव में पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन रोबिन कुंकल पंचायत के समक्ष पेश नहीं हुआ। बाद में वह महापंचायत में आया जहां उसे फरमान सुनाया गया। आदिवासी हो समाज युवा महासभा के जिलाध्यक्ष गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने फैसले को पढ़कर सुनाया।
फैसले में कहा गया कि हो समुदाय में कोई भी व्यक्ति समाज से बढ़कर नहीं होता है। ऐसी घटना दोबारा ना हो इसके लिए धनपुड़ा कर (जुर्माना वसूल कर)जिंदा जलाने के लिए पंचों ने सामाजिक फैसले का समर्थन किया है।
इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कम्प मचा है। एसपी ने एसडीपीओ को जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि यह बहुत गंभीर मामला है। लिहाजा इसकी जांच कराई जा रही है। आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ईएमएस/ 09 नवम्बर 2018