राज्य समाचार

आईआईटी मंडी के मनु वी. देवदेवन ने जीता प्रतिष्ठित इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन पुरस्कार

07/11/2019

- इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन ने 11वें इन्फोसिस पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की
मंडी (ईएमएस)। इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने छह श्रेणियों - इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर साइंसेस, ह्यूमैनिटीज़, लाइफ साइंसेस, मैथमेटिकल साइंसेस, फिजिकल साइंसेस तथा सोशल साइंसेस में इन्फोसिस पुरस्कार 2019 के विजेताओं की घोषणा की। यह पुरस्कार प्रत्येक श्रेणी के विजेताओं की उपलब्धियों को पहचान कर विज्ञान और अनुसंधान में उनकी सफलता का जश्न मनाता है। प्रत्येक श्रेणी के लिए इस साल शुद्ध सोने से बना गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र और 1,00,000 अमेरिकी डालर (या रुपये में इसके बराबर) का पुरस्कार शामिल है।
ह्यूमैनिटीज़ के क्षेत्र में मनु वी. देवदेवन, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल आफ ह्यूमैनिटीज़ एंड सोशल साइंसेस, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टैक्नोलाजी, मंडी को प्री-माडर्न साउथ इंडिया पर उनके मौलिक और व्यापक काम के लिए इन्फोसिस पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया गया। उन्होंने दक्कन और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक इतिहास के बारे में पारंपरिक ज्ञान की महत्वपूर्ण पुनव्र्यख्या की है। प्रो. देवदेवन के प्रारंभिक अनुसंधान में पूर्व-आधुनिक दक्षिण भारत में राजनीतिक एवं आर्थिक प्रक्रियाएं, दक्षिण भारत में साहित्यिक गतिविधियां और इलाके के प्राचीन शिलालेखों का अध्ययन शामिल हैं।
जाने-माने विद्वानों और प्रोफेसर्स वाली प्रतिष्ठित ज्यूरी के एक पैनल ने 196 प्रविष्टियों में से इन्फोसिस पुरस्कार 2019 के लिए विजेताओं को शॉर्टलिस्ट किया। बीते समय में कुछ सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने हाल ही में फील्ड्स मेडल और नोबेल मेमोरियल पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल किए हैं, और आईएसएफ का मानना है कि इस वर्ष के विजेता भी अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ेंगे।इन्फोसिस पुरस्कार न केवल इन उत्कृष्ट शोधार्थियों को मान्यता प्रदान करता है और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाता है, बल्कि इसके माध्यम से ऐसे रोल माडल्स तैयार करता है जो युवा दिमाग को कॅरियर विकल्प के रूप में विज्ञान को एक्सप्लोर करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
इन्फोसिस लिमिटेड के सह-संस्थापक एवं इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन के अध्यक्ष एस. डी. शिबुलाल ने कहा, ‘‘इन्फोसिस पुरस्कार वैज्ञानिक अनुसंधान और जिज्ञासा में अनुकरणीय कार्य की पहचान को जारी रखा है। इन्फोसिस पुरस्कार के कई विजेताओं ने स्वास्थ्य सेवा, जेनेटिक्स, जलवायु विज्ञान, खगोल विज्ञान और गरीबी उन्मूलन जैसे अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके काम का मानव जाति और इस ग्रह पर तत्काल प्रभाव पड़ा है। हमें उम्मीद है कि यह सामाजिक विकास को उत्प्रेरित करेगा।’’
इन्फोसिस के संस्थापक और इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन के ट्रस्टी एन. आर. नारायण मूर्ति ने कहा, ‘‘हमें अपने युवाओं को उत्साहपूर्वक मौलिक अनुसंधान के लिए सहायता देना शुरू करना चाहिए। हर दिन हमारे समक्ष आने वाली व्यापक समस्याओं को हल करने में योगदानकर्ता बनने के लिए उन्हें प्रोत्साहित और प्रेरित करना चाहिए। मैं चाहता हूं कि भारत एक ऐसा स्थान बने जहां हर महीने खोज और आविष्कार हो।’’
इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के लिए इन्फोसिस पुरस्कार 2019 से इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टैक्नोलाजी, बाम्बे में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग की इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर सुनीता सरावगी को सम्मानित किया गया है। जीवाणुओं में कोशिका भित्ति की संरचना के विषय में उल्लेखनीय खोजों के लिए सेंटर फार सेल्युलर एंड मालिक्यूलर बायोलाजी (सीसीएमबी), हैदराबाद की मुख्य वैज्ञानिक मंजुला रेड्डी को लाइफ साइंसेज के लिए इन्फोसिस पुरस्कार 2019 प्रदान किया गया।
मैथमैटिकल साइंसेस श्रेणी में इन्फोसिस पुरस्कार 2019 से सिद्धार्थ मिश्रा, प्रोफेसर, डिपार्टमेंट आफ मैथमैटिक्स, ईटीएच ज्यूरिख को एप्लाइड मैथमैटिक्स में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए, विशेष रूप से वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए संख्यात्मक टूल्स डिजाइन करने के लिए सम्मानित किया गया है।
फिजिकल साइंसेस के लिए इन्फोसिस पुरस्कार 2019 भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के अकार्बनिक एवं भौतिक रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर जी. मुगेश को बायोमेडिकल अनुप्रयोगों के लिए छोटे अणुओं और नैनोमैटेरियल्स के रसायनिक संश्लेषण में उनके सिमेनियल संबंधी कार्यों के लिए प्रदान किया गया। सोशल साइंसेज़
सोशल साइंसेज़ के लिए इन्फोसिस पुरस्कार 2019, नैतिकता, स्वार्थ और रचनात्मक प्रक्रिया पर कल्पनाशील काम के लिए एंथ्रोपोलाजी, क्राइगर स्कूल आफ आट्र्स एंड साइंसेस, जान्स हापकिंस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आनंद पांडियन को प्रदान किया गया।
विजयेन्दर/राजेश/3.45/ 7 नवम्बर 2019