ज़रा हटके

मोटापे से परेशान लोगों के लिए खुशखबरी

11/02/2019

- मोटापे को काबू करने का किया दावा
न्यूर्याक (ईएमएस)। अनुवांशिक मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। अगर आप अपनी आनुवांशिक प्रवृत्ति के कारण वजन घटाने में असमर्थ हैं तो हिम्मत हारने की जरूरत नहीं है। इसके लिए इंजेक्शन वाली दवा व्यापक रूप से रक्त शर्करा को कम करने लिए इस्तेमाल हो रही है, जो आपको मोटापे से लड़ने में मदद कर सकती है। लगभग दो-छह फीसदी लोगों मे मोटापा बचपन की शुरुआत से विकसित होना शुरू हो जाता है, क्योंकि उनमें ऐसा आनुवांशिक रूप से होता है। मोटापा किसी व्यक्ति के भूख से संबंधित एक जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है, और यह मोटापा के विकास के लिए एक मजबूत आनुवांशिक प्रवृत्ति प्रदान करता है। इसे मोनोजेनिक मोटापा भी कहते हैं। ऐसे लोगों को भूख बहुत ज्यादा लगती है और भूख खत्म नहीं होती है।
शोधकर्ताओं ने पाया है कि लोगों के इस समूह में मोटापे को एक दवा-लिराग्लुटाइड की मदद से कम किया जा सकता है। उपापचयी रूप से स्वस्थ मोटापा नुकसानदेह स्थिति नहीं है, लेकिन दशकों से उपापचय संबंधी बीमारियों से मुक्त रहने वाली महिलाओं को भी दिल संबंधी बीमारियों के बढ़े जोखिम का सामना करना पड़ता है। अक्सर नाश्ता करने वाले 10.9 फीसदी लोगों की तुलना में नाश्ता न करने वाले 26.7 फीसदी लोग मोटापे का शिकार थे। लिराग्लुटाइड भूख को रोकने वाले हार्मोन जीएलपी-1 का एक परिवर्तित रूप है। यह हार्मोन हमारे खाने के दौरान हमारी इंटेस्टाइन (आंत) से स्रावित होता है। डेनमार्क में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर सिगने सोरेनसन टोरेकोव ने कहा, "भूख को रोकने वाली दवा लिराग्लुटाइड का इस पर सकारात्मक प्रभाव है। वे कम भूख महसूस करते हैं और चार महीने के भीतर अपने शरीर के वजन का छह फीसदी घटाते हैं।"
डेविड/ईएमएस 11 फरवरी 2019