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सरकार की एसएंडटी नीति में युवाओं को प्रोत्साहित करना शामिल : मंत्री हर्षवर्धन

16/09/2020


नई दिल्ली (ईएमएस)। सरकार की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एसएंडटी) नीति में देश के विद्यार्थियों/ युवाओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रोत्‍साहित करना शामिल है। सरकार देश के विद्यार्थियों/युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आने के लिए आकर्षित करने हेतु कई स्‍कीमें कार्यान्वित कर रही है। ‘’अभिप्रेरित अनुसंधान के लिए विज्ञान की खोज में नवोन्‍मेष (इस्‍पायर)’ मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विज्ञान विषय का अध्‍ययन करने तथा अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) में कैरियर का विकल्‍प देने की दृष्टि से उन्‍हें आकर्षित, अभिप्र‍ेरित, पोषित तथा प्रशिक्षित करने वाली कार्यशील बड़ी स्‍कीम है जिससे गुणवत्तापूर्ण जनशक्ति के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होने के परिणामस्‍वरूप देश में आरएंडडी जनशक्ति के स्रोत का विस्‍तार हो सकता है। देशभर के सभी मान्‍यताप्राप्‍त विद्यालयों की छठी – 10वीं कक्षा के लगभग 42,000 युवा छात्र इंस्‍पायर पुरस्‍कार मानक (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नैशनल इंस्पिरेशन एंड नॉलेज) प्रति वर्ष प्राप्‍त करते हैं। प्रति वर्ष लगभग 20,000 छात्र विज्ञान के सृजनात्‍मक कार्य का रोचक अनुभव प्राप्‍त करने के लिए इंस्‍पायर प्रशिक्षुतावृत्ति कैंपों में हिस्‍सा लेते हैं। 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में उत्‍तीर्ण शीर्ष 1%, में लगभग 10,000 छात्र मूलभूत एवं प्राकृतिक विज्ञान में बी.एससी. और एम.एससी. पाठ्यक्रमों का अध्‍ययन करने के लिए उच्‍चतर शिक्षा छात्रवृत्ति (एसएचई) प्रति वर्ष प्राप्‍त करते हैं। प्रत्‍येक वर्ष, लगभग 1,000 छात्र पी.एचडी. उपाधि के अनुशीलन के लिए इंस्‍पायर अध्‍येतावृत्ति प्राप्‍त कर रहे हैं। प्रति वर्ष 100 युवा अनुसंधानकर्ता अनाश्रित पोस्‍ट डॉक्‍टरल अनुसंधानकर्ताओं के रूप में स्‍वयं को स्‍थापित करने के लिए इंस्‍पायर संकाय अध्‍येतावृत्तियां प्राप्‍त कर रहे हैं। युवा छात्रों को आ‍कर्षित एवं प्रेरित करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा लिंडो मीटिंग विद नोबल लॉरेट्स, एशियन साइंस कैंप्‍स, रमन चार्पाक फेलोशिप, सकूरा एक्‍सचेंज प्रोग्राम आदि जैसे कई अंतर्राष्‍ट्रीय कार्यक्रमों का कार्यान्‍वयन भी किया जा रहा है। डीएसटी प्रक्षेत्र के स्‍वायत्‍त संस्‍थान भी बडी संख्‍या में ग्रीष्‍म अनुसंधान प्रशिक्षुओं, पीएच.डी. तथा पोस्‍ट डॉक्‍टरल अध्‍येताओं को प्रशिक्षण देते हैं, बडी संख्‍या में महत्‍वपूर्ण राष्‍ट्रीय/अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन आयोजित करते हैं, अपने वैज्ञानिकों द्वारा व्‍याख्‍यानों, अभिविन्‍यास कार्यक्रमों आदि सहित प्रसार कार्यक्रम विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्रों के लिए आयोजित करते हैं।
-एसटीआई नीति के प्रथम 3 मुख्‍य घटक
समाज के सभी स्‍तरों में वैज्ञानिक प्रवृत्ति के प्रसार का संवर्धन करना।
सभी सामाजिक स्‍तरों के युवाओं में विज्ञान के अनुप्रयोगों संबंधी कौशल का विकास करना।
विज्ञान, अनुसंधान तथा नवोन्‍मेष में कैरिअर निर्माण को प्रतिभावान एवं तीव्र बुद्धि वाले छात्रों के लिए आकर्षक बनाना।
संदीप सिंह/देवेंद्र/16/सितम्बर/2020