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1 अक्टूबर से लागू हो सकता है लेबर कोड, करनी पड़ेगी 12 घंटे नौकरी, घटेगी सेलरी, पर बढ़ जाएगा पीएफ

14/09/2021

नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र सरकार 1 अक्टूबर से लेबर कोड के नियमों को लागू कर सकती है। सूत्रों के अनुसार मोदी सरकार 1 जुलाई से लेबर कोड के नियमों के लागू करना चाहती थी, लेकिन राज्य सरकारों के तैयार नहीं होने के कारण इसे टाल दिया गया था। लेबर कोड के नियमों के मुताबिक कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़कर 12 घंटे हो सकते हैं।
सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को जल्दी ही अपनी सेलरी, ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सरकार नए लेबर कोड में नियमों को एक अप्रैल, 2021 से लागू करना चाहती थी लेकिन राज्यों की तैयारी नहीं होने और कंपनियों को एचआर पॉलिसी (एचआर पॉलिसी) बदलने के लिए ज्यादा समय देने के कारण इन्हें टाल दिया गया है। श्रम मंत्रालय के मुताबिक सरकार लेबर कोड के नियमों को एक जुलाई से नोटिफाई करना चाहते थे, लेकिन राज्यों ने इन नियमों को लागू करने के लिए और समय मांगा जिसके कारण इन्हें 1 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया।
लेबर मिनिस्ट्री और मोदी सरकार लेबर कोड के नियमों को 1 अक्टूबर तक नोटिफाई करना चाहती है। संसद ने अगस्त 2019 को तीन लेबर कोड इंडस्ट्रियल रिलेशन, काम की सुरक्षा, हेल्थ और वर्किंग कंडीशन और सोशल सिक्योरिटी से जुड़े नियमों में बदलाव किया था। ये नियम सितंबर 2020 को पास हो गए थे।
नए ड्राफ्ट कानून में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि, होगा। लेबर यूनियन 12 घंटे नौकरी करने का विरोध कर रही हैं। कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है। ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने की मनाही है।
कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का रेस्ट देना होगा। नए ड्राफ्ट रूल के अनुसार, मूल वेतन कुल वेतन का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए। इससे ज्यादातर कर्मचारियों की वेतन का स्ट्रक्चर में बदलाव आएगा। बेसिक सैलरी बढ़ने से पीएफ और ग्रेच्युटी के लिए कटने वाला पैसा बढ़ जाएगा, क्योंकि इसमें जानें वाला पैसा बेसिक सैलरी के अनुपात में होता है। अगर ऐसा होता है जो आपके घर आने वाली सैलरी घट जाएगी रिटायरमेंट पर मिलने वाला पीएफ और ग्रेच्युटी का पैसा बढ़ जाएगा।
अनिरुद्ध, ईएमएस, 14 सितंबर 2021