राष्ट्रीय

छत्तीसगढ़ विधानसभा 2018 विशेष (08आरएस02एचओ)

08/11/2018



कमल का जलवा बरक़रार रखने रहेगी कोशिश
बेमेतरा विधानसभा चुनाव - 2018
बेमेतरा ( ईएमएस)। बेमेतरा जिला छत्तीसगढ़ राज्य का एक नवीन गठित जिला है जिसका गठन 1 जनवरी 2012 को दुर्ग जिले के विभाजन के पश्चात हुआ है। यह दुर्ग जिले के उत्तरी किनारे पर स्थित है। जिले के कुल क्षेत्रफल 2854.81 वर्ग कि.मी. और जिले की कुल जनसंख्या लगभग 795759 है। जिले की सीमा छत्तीसगढ़ राज्य की 7 जिलों यानी दुर्ग, रायपुर, बलोदा बाजार, बिलासपुर, कवर्धा एवं राजनांदगावं से घिरी हुई है। इसके तहत तीन विधानसभा सीट आती हैं साजा ,बेमेतरा और नवागढ्। तीनो ही सीटों पर भाजपा विधायक हैं। इस चुनाव में भाजपा की पूरी कोशिश होगी कि जीत का परचम बरक़रार रखे।
साजा विधानसभा
बेमेतरा जिले में आने वाली साजा विधानसभा सीट अपने आप इसलिए अहम हो जाती है कि ये सीट कांग्रेस और खासकर चौबे परिवार की परंपरागत सीट रही है और कई सालों तक चौबे परिवार के ही सदस्य ही यहां से विधायक चुने जाते रहे हैं।रवींद्र चौबे यहां से लगातार छह चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं। लेकिन 2013 में बीजेपी के लाभचंद बाफना इस सीट का इतिहास बदलने में कामयाब हुए।1967 में अस्तित्व में आई साजा विधानसभा सीट की सियासी इतिहास की बात की जाए तो यहां की राजनीति में कभी भी बड़े पेंच नहीं रहे हैं और राजनीति एक ही दिशा में एक ही परिवार के इर्द गिर्द रही है। 1977 में यहां से रवींद्र चौबे के बड़े भाई प्रदीप चौबे जीते। उसके बाद 1980 में रवींद्र चौबे की मां कुमारी देवी चौबे यहां से कांग्रेस की टिकट पर जीती 1985 में रवींद्र चौबे ने यहां से अपना पहला चुनाव जीता उसके बाद 2008 तक लगातार 6 बार विधायक रहे ,हालांकि 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लाभचंद बाफना ने उन्हें शिकस्त दी। 2013 विधानसभा चुनाव में लभ चंद बाफना, बीजेपी, कुल वोट मिले 81707 और रवींद्र चौबे, कांग्रेस, कुल वोट मिले 72087, 2008 विधानसभा चुनाव, में रवींद्र चौबे, कांग्रेस, कुल वोट मिले 63775 लभ चंद बाफना, बीजेपी, कुल वोट मिले 58720, 2003 विधानसभा चुनाव,में रवींद्र चौबे, कांग्रेस, कुल वोट मिले 58873 दीपक साहू, बीजेपी, को कुल वोट मिले 40831 ।
बेमेतरा विधानसभा
बेमेतरा के सियासी इतिहास की बात की जाए तो...इस सामान्य सीट पर कांग्रेस ही हावी रही है...1990 और 1998 के विधानसभा चुनाव को छोड़ दिया जाए तो 1962 से लेकर 2008 तक यहां कांग्रेस के उम्मीदवार जीत दर्ज करते रहे हैं।.लेकिन 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के अवधेश चंदेल ने कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू को हराकर कांग्रेस से इस सीट को छिन लिया।.बेमेतरा में हमेशा से जाति समीकरण हावी रहा है।.छत्तीसगढ़ राज्य की बेमेतरा विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव को छोड़ दें तो कांग्रेस ही जीत दर्ज करती आई है।पिछले तीन चुनावों को देखें तो हर बार भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला देखने को मिला है।हालांकि, जिस तरह से इस बार अजीत जोगी और मायावती की बसपा में गठबंधन हुआ है, ऐसे में देखना होगा कि क्या असर पड़ता है।क्योंकि इस क्षेत्र में एससी वोटर अधिक मात्रा में हैं, जो सीधे तौर पर चुनावी नतीजों पर फर्क डाल सकते हैं।2013 विधानसभा चुनाव, में अवधेश सिंह चंदेल, बीजेपी, कुल वोट मिले 74162 , ताम्रध्वज साहू, कांग्रेस, कुल वोट मिले 59048 , 2008 विधानसभा चुनाव, में ताम्रध्वज साहू, कांग्रेस, कुल वोट मिले 57082,अवधेश सिंह, बीजेपी, कुल वोट मिले 50609,2003 विधानसभा चुनाव में चेतन शर्मा, कांग्रेस, कुल वोट मिले 39830 और शारदा महेश तिवारी, बीजेपी, कुल 27588 वोट मिले थे।
नवागढ़ विधानसभा
छत्तीसगढ़ राज्य में कई ऐसी सीटें हैं जिनका इतिहास सिर्फ एक या दो चुनाव पुराना ही है, इन्हीं में से एक है नवागढ़ विधानसभा सीट।परिसीमन के बाद बनी इस सीट पर अभी तक दो बार विधानसभा चुनाव हुए हैं, दोनों ही बार यहां पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की है।यानी बीजेपी की नज़र अब यहां पर जीत की हैट्रिक जमाने पर है।बेमेतरा जिले में आने वाली इस सीट का सियासी इतिहास दिलचस्प रहा है ।.राज्य बनने से पहले इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा ।..लेकिन 2003 से सीट पर भाजपा का कब्जा है।।दयाल दास बघेल जो प्रदेश के सहकारिता मंत्री हैं।.यहां के वर्तमान विधायक हैं.अभी तक के दो चुनावों में यहां बसपा हमेशा तीन नंबर की पार्टी रही है, यानी अब इस चुनाव में बसपा को अजीत जोगी का साथ मिला है तो बसपा को फायदा मिल सकता है।
2013 विधानसभा चुनाव में दयालदास बघेल, बीजेपी, कुल वोट मिले 69447 और देहरू प्रसाद, निर्दलीय, कुल वोट मिले 42254 , 2008 विधानसभा चुनाव, में दयालदास बघेल, बीजेपी, कुल वोट मिले 53519, देहरू प्रसाद, कांग्रेस, कुल 47012 वोट मिले थे।
-----/08 नवम्बर 2018