अंतरराष्ट्रीय

अमेरिका ने ताइवान पर दबाव नहीं डालने व मतभेदों को शांतिपूर्ण ढ़ंग से हल करने का किया आग्रह

11/01/2019

ताइपे (ईएमएस)। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विगत दिनों अपनी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने के आदेश देने से वैश्विक स्तर पर सनसनी फैल गई। शी के इस बयान पर अमेरिका ने चीन से ताइवान पर दबाव नहीं डालने और दोनों पक्षों के बीच मतभेदों के शांतिपूर्ण हल के लिए ताइवान सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया। ताइवान में अमेरिकी दूतावास की तरह काम करने वाले मिशन की प्रवक्ता ने यहां गुरुवार को ये बात कही। समाचारों के मुताबिक पिछले सप्ताह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा द्वीप का चीन के साथ एकीकरण करने के लिए सैन्य शक्ति के प्रयोग को खारिज नहीं करने के मद्देनजर कई अमेरिकी सीनेटर और सांसदों ने ताइवान का समर्थन किया था, जिसके बाद प्रवक्ता अमांडा मनसोर की ये प्रतिक्रिया आई है।
शी ने केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) की एक बैठक में कहा कि बड़े पैमाने पर और तेजी से आधुनिक बन रही पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को खतरे, संकट और युद्ध को लेकर जागरूक रहना चाहिए। सीएमसी देश का शीर्ष सैन्य संगठन जिसके शी अध्यक्ष हैं। इसे 2019 में सेना के लिए शी के पहले आदेश के रूप में देखा जा रहा है, इस दौरान उन्होंने पूरे साल सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण से जुड़े एक आदेश पर भी हस्ताक्षर किए। भारत के साथ सीमा विवाद के अलावा, दक्षिण चीन सागर में कई देशों के साथ निरंतर समुद्री क्षेत्रीय विवादों के बीच शी का ये आदेश आया है। वहीं, चीन द्वारा ताइवान को इसका हिस्सा बनाए जाने को लेकर अमेरिकी विरोध को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। ताइवान को चीन अपना अभिन्न अंग मानता है। शी ने ताज़ा बयान में कहा है कि चीन ने ताइवान को फिर से "अपना बनाने" के लिए बल के उपयोग का अधिकार सुरक्षित रखा है।
गौरतलब है कि ताइवान एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक रूप से चलने वाला देश है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताइवान की सुरक्षा के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए एशिया को आश्वासन की पहल के कानून पर हस्ताक्षर किया है। इसी के बाद से शी के तेवर बेहद सख्त हो गए हैं। चीन और भारत 2017 में एक सैन्य झड़प के करीब आए थे। दोनों देशों के सैनिकों के बीच डोकलाम में सिक्किम की सीमा के पास 73-दिन तक गतिरोध चला था। कूटनीतिक बातचीत ने आखिरकार सैनिकों के बीच तनाव को कम किया और स्थिति को ठीक कर दिया जिससे सीमा पर संभावित संघर्ष की स्थिति टल गई।
विपिन/ईएमएस/ 11 जनवरी 2019