ज़रा हटके

ई-‎सिगरेट से हो सकती है निमोनिया समेत कई बीमारियां

07/10/2019

नई दिल्ली(ईएमएस)। इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पीने की आदत वाले लोगो में कई बीमारी देखने को ‎मिली है। दरअसल, ई-सिगरेट बैटरी से चलने वाली डिवाइस है जिसमें लिक्विड भरा रहता है। यह निकोटीन और दूसरे हानिकारक केमिकल्‍स का घोल होता है। बताया जाता है ‎कि जब कोई व्यक्ति ई-सिगरेट का कश खींचता है तो हीटिंग डिवाइस इसे गर्म करके भाप में बदल देती है। इसीलिए इसे स्‍मोकिंग नहीं कहा जाता है। यूके में पिछले 5 साल से हो रही स्टडी में पता चला कि ई-सिगरेट की वेपिंग की वजह से निमोनिया और दिल की बीमारी समेत 200 तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। ई-सिगरेट के बारे में मेडिसन ऐंड हेल्थकेयर रेग्यूलेटरी में इन बीमारियों को 74 अलग-अलग येलो कार्ड रिपोर्ट में शामिल किया गया है जिसमें से 49 बीमारियां ऐसी हैं जिन्हें गंभीर बीमारियों की लिस्ट में रखा जाता है।
हालांकि बताया जाता है ‎कि दुनियाभर में ई-सिगरेट और वेपिंग के रिस्क को कमतर आंका जा रहा था लेकिन यूके में ई-सिगरेट पीने की वजह से अब तक हुई 12 मौतें और फेफड़े को नुकसान पहुंचने के 805 मामले सामने आने के बाद अब इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। बताया जाता है ‎कि साल 2016 में बर्मिंगम में एक महिला को लिपिओइड निमोनिया भी सामने आया था जिसकी वजह ई-सिगरेट में मौजूद वेजिटेबल ग्लिसरीन था। हालां‎कि भारत में ई-सिगरेट को पूरी तरह सै बैन कर दिया गया है। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर युवाओं को ई-सिगरेट के खतरे के बारे में बताया और उनसे तंबाकू सेवन बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों को ई-सिगरेट के खतरे के बारे में जानकारी नहीं है जबकि यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा, "ई-सिगरेट में कई खतरनाक केमिकल्स मिलाए जाते हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि तंबाकू का नशा छोड़ दें और ई-सिगरेट के बारे में कोई भी गलतफहमी न पालें।
ज्यो‎ति/ईएमएस 07 अक्टूबर 2019