अंतरराष्ट्रीय

पुरुषों के बाल 25 की उम्र में ही लगते हैं उड़ने

05/12/2018

-शोधकर्ताओं ने किया इसका खुलासा
न्यूर्याक (ईएमएस)। शोधकर्ताओं का मानना है कि उन्होंने ऐसा तरीका खोज निकाला है, जिससे गंजेपन की समस्या को दूर कर फिर से सिर पर बाल उगाए जा सकते हैं। न्यूयॉर्क स्कूल ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क के भीतर एक मार्ग सक्रिय कर दिया है, जिसका नाम ‘सोनिक हेजहॉग’ है। शिशु जब गर्भ में होता है, तो यह मार्ग काफी ज्यादा सक्रिय रहता है, जिससे बालों के रोम तैयार होते हैं। मगर जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है या त्वचा में जख्म बढ़ते हैं, तो यह रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। आंकड़े बताते हैं कि एक चौथाई पुरुषों के बाल 25 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उड़ने लगते हैं। ब्रिटेन के राजकुमार विलियम्स के बाल तो 22 की उम्र में ही उड़ने लगे थे। ऐसा नहीं है कि यह समस्या पुरुषों में ही है। अमेरिकन एकडेमी ऑफ डार्मेटोलॉजी के मुताबिक 40 फीसदी महिलाओं में 40 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते बाल झड़ने की समस्या देखने को मिलने लगती है। डॉक्टर मायूमी इटो के नेतृत्व वाली टीम ने जो मार्ग सक्रिय किया है, वह कोशिकाओं के बीच संचार तंत्र का भी काम करता है। वैज्ञानिकों ने लैब में चूहों की क्षतिग्रस्त त्वचा पर यह अध्ययन किया, जिसमें मुख्य फोकस ‘फाइब्रोब्लास्ट’ नाम की कोशिकाओं पर था। इस कोशिका से कालाजेन नाम के प्रोटीन को स्राव होता है। यह प्रोटीन त्चचा व बालों की मजबूती और आकार को बनाए रखता है।
शोधकर्ताओं ने इस वजह से भी ‘फाइब्रोब्लास्ट’ पर फोकस किया क्योंकि इसमें जख्म को अपने आप ठीक करने जैसे कई जैविक गुण भी होते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक मस्तिष्क की कोशिकाओं में आपस में संचार स्थापित करने के चार हफ्तों के भीतर ही चूहों के बाल फिर से उगने शुरू हो गए। बालों की जड़ और सरंचनाएं नौ हफ्तों के भीतर फिर से दिखाई देने लगीं। अभी तक वैज्ञानिक यही मानते थे कि क्षतिग्रस्त त्वचा की वजह से बाल फिर से नहीं उग पाते हैं। मगर अब इस सबूत ने इस क्षेत्र में नई दिशा दिखा दी है। डॉक्टर इटो का कहना है, ‘अब हमें पता है कि भ्रूण में यह मार्ग काफी सक्रिय होता है जबकि उम्र बढ़ने के साथ यह प्रक्रिया धीमी होने लगती है। हमारा शोध बताता है कि सोनिक हेजहॉग के जरिए ‘फाइब्रोब्लास्ट’ को सही किया जा सकता है। इससे बाल दोबारा उगाए जा सकते हैं।’ जिंदगी में आने वाले कई बदलावों की वजह से आपके बाल गिरते हैं। घर बदलना, शोक या गर्भधारण के दौरान भी बाल कमजोर होने लगते हैं। इसके अलावा तनाव, खराब खानपान, पानी में घुले केमिकल, खाने में मौजूद कीटनाशक, गर्भ निरोधक गोलियां भी बाल गिरने के बड़े कारण होते हैं। वह दिन दूर नहीं जब आपको बाल उड़ने की चिंता से मुक्ति मिल जाएगी। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वे इसका इलाज ढूंढने के काफी करीब हैं।
सुदामा/ईएमएस 05 दिसंबर 2018