क्षेत्रीय

बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना उड़ान कार्यक्रम की सार्थकता: विधायक

14/01/2020

मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ पतंग महोत्सव
अशोकनगर (ईएमएस)। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना उड़ान कार्यक्रम की सार्थकता है। हमारा लक्ष्य बच्चों के जीवन में नई उचाईयों को लाना है। उडान कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के जीवन में उत्साह और खुशियां देकर नई उचाईयों को छूने देना है। इस आशय के विचार विधायक जजपाल सिंह जज्जी ने मंगलवार को मकर सक्रांति के पावन अवसर पर आदिवासी बच्चों को पतंग प्रतियोगिता के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मंजू शर्मा ने की।
पतंग महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक जजपाल सिंह ने कहा कि कलेक्टर डॉ. मंजू शर्मा के द्वारा नवाचार कर पिछले वर्ष से उड़ान कार्यक्रम की शुरूआत जिले में की गई। इस कार्यक्रम के सफलतम दूसरे वर्ष में प्रवेश कर आदिवासी बच्चों के जीवन को खुशियों से भर दिया। मैं कलेक्टर की सोच को सलाम करता हूं। बच्चों के चेहरों पर मुस्कराहट लाने पर ईश्वर भी प्रसन्न होता है। इस सफल प्रयास के माध्यम से आदिवासी बच्चों को बच्चों को ऊँची उड़ान भरने के लिए पतंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही सभी बच्चों ने मकर संक्रति के अवसर पर स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि हौसलों के पंखों से बेटियां भर रही ऊॅची उड़ान। बेटियों द्वारा हर क्षेत्र में आगे बढकर अपना नाम रोशन कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मंकर संक्राति के अवसर पर देश की संस्कृति की परम्परा को कायम रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से आदिवासी बच्चों के साथ उड़ान कार्यक्रम की शुरूआत जिले से की गई थी। इस कार्यक्रम को भारत सरकार द्वारा काफी सराहा गया तथा बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं के वार्षिक कैलेण्डर में उड़ान कार्यक्रम को जोडा गया। यह हमारे जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि उड़ान कार्यक्रम के दूसरे वर्ष 2020 में नई उमंग और नई उड़ान की नई सोच को साकार करने के लिए विभिन्न मंनोरंजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मार्च पास्ट, व्यंजन स्वीट्स तथा प्रतियोगियाएं आयोजित कराई गई। इन प्रतियोगिताओं में नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा बढ चढकर हिस्सा लिया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना तथा उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोडना है। उन्होंने कहा कि उड़ान कार्यक्रम का मुख्य मकसद आगे बढना, सपने देखना, ऊंची उड़ान भरकर अपनी मंजिल को प्राप्त करना है। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं पर आधारित विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाकर बेटी बचाओं और बेटी पढाओं का संदेश भी दिया गया। साथ ही बच्चों के लिए स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल लगाये गये। इस अवसर पर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अजय कटेसरिया, अपर कलेक्टर डॉ. अनुज रोहतगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार शिवहरे, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विशाल सिंह, जनप्रतिनिधि, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री जयंत वर्मा, अधिकारी, कर्मचारी तथा बडी संख्या में प्रतिभागी बच्चे उपस्थित थे।

-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी संस्कृति की झलक:
पतंग महोत्सव कार्यक्रम में महाकाल ग्रुप राजस्थान द्वारा परम्पारिक भेषभूशा से सजे राजस्थानी लोक नृत्य भभई तथा चरई नृत्य के माध्यम से लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। संस्कृति स्कूल के बच्चों द्वारा एरोविक्स डांस की प्रस्तुति दी गई।

-मार्च पास्ट का हुआ आयोजन:
कार्यक्रम में भाग लेने वाले आदिवासी 300 बच्चों सहित अन्य बच्चों द्वारा मार्च पास्ट किया गया। मार्च पास्ट में बच्चों द्वारा निर्मित पतंग तथा गडगडिय़ों का प्रदर्शन किया गया।

-बच्चों को किया पुरूष्कृत:
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं पतंग, गडगडिय़ा(गाडी) बनाने वाले बच्चों को अतिथियों द्वारा पुरूष्कृत किया गया। पतंग प्रतियोगिता में ईशिका श्रीवास्तव को प्रथम, श्रद्धा कोरी द्वितीय तथा प्रियंका शर्मा को तृतीय पुरूष्कार देकर सम्मानित किया। सात्वंना पुरूष्कार में शिवानी यादव को दिया गया। इसी प्रकार गडगडिय़ा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों में प्रथम पुरूष्कार साक्षी शर्मा, द्वितीय पुरूष्कार रोशनी लोधी तथा तृतीय पुरूष्कार वैशाली चंदेल को प्रदान किया गया। सात्वंना पुरूष्कार आरती अहिरवार को दिया गया।
प्रवीण/14/01/2020