लेख

हाय कोरोना! (लेखक--रामबोल शर्मा / ईएमएस)

07/04/2021

हिलाकर रख दिया सृष्टि को
अचंभित कर दिया सबको
संकेत कर दिया कोरोना ने
मानव मत भूल अब रब को ।
माना तूने विज्ञान खोज डाला
नदियों पर्वतो को फतेह कर डाला
तूने ही विनाश किया प्रकृति का
प्रकृति ने ही तुझे तबाह कर डाला
जरा सा वायरस है यह कोरोना
भुगतकर इसको आ रहा रोना
प्रकृति को मत नष्ट कर मानव
कुपित प्रकृति का यह तांडव
जन्मदाता तुम्ही हो महामारी का
शवो के अनगिनत ढेरो का
शव रखने की जगह कम पड़ गई
ढोते ढोते शवो को थकान आ गई
अब तो नासमझ मत बन मानव
ईश्वर का संकेत समझ मानव
ईश्वर- प्रकृति को एक समझ ले
सुखद भविष्य संजोकर रख ले।

07अप्रैल / ईएमएस