लेख

परेशानियों से परेशान हो न -- (लेखक/ईएमएस -प्रो चित्र भूषण शरीवास्तव विदग्ध)

22/02/2021

रोते हो क्यों यों मुसीबत में रो न , परेशानियों से परेशान हो न !
नहीं कोई ऐसा जिसे जिंदगी में परेशानियों ने सताया नहीं है
परेशानियों की है लम्बी कहानी किसने सुना औ" सुनाया नहीं है ?
कहां तक हो इनसे परेशान कोई ये है ,इस जगत के पुराने निवासी-
रहेंगे ये , हम चले जायेंगे कल , मिले हैं दो दिन ऑसुओ से भिगो न !!
परेशानियों से परेशान हो न --

यहाँ पै तो दिन - रात होते रहे हैं , होते हैं अब भी होते रहेंगे
घटनायें नई नई अनेकों हैं होती , सदा लोग रस ले ले के बोते रहेंगे
अंधेरे में ही हो जला दीप करते ,कट जाती रातें औ" होता सबेरा
यही जिन्दगी है , लगा ही रहा है , यहां सुख दुखों का सदा यूं ही होना !!
परेशानियों से परेशान हो न --


मु‍सीबत के दिन नहीं दुश्मन तुम्हारे, सखा ही हैं वे जो अधिक रह न पाते
इन्हें आसरा दो , सहारा लो इनका ,ये साथी हैं सच्चे, सदा कुछ सिखाते
निरादर करोगे तो दुख पाओगे खुद , जो मिल कर रहोगे तो शुभ ज्ञान होगा
डरो तुम न इनसे , बना इन्हें सहचर , रहने को घर का दो कोई एक कोना !!
परेशानियों से परेशान हो न --


परेशानियां हैं परेशान खुद से , ये बस चाहती है सहारा किसी का
जो देता साथ इनको थोड़े दिनों का , चली जातीं खुद भी भला करके उनका
समझते इन्हें लोग जितना , ये भली है गुणों में बहुत उससे ज्यादा
अगर जन समझदारी से काम लें तो , ये दे जातीं ज्यादा इन्हें कुछ न हो ना
परेशानियों से परेशान हो न --
ईएमएस/22फरवरी2021