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आयुष्मान योजना: नहीं मिल रही मरीजों के क्लेम की राशि

13/04/2019


सीएमएचओ-सिविल सर्जन बोले- कैसे करें इलाज
भोपाल (ईएमएस)। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज नहीं कर पा रहे हैं। राज्य शासन से पैसा नहीं आने की वजह से यह परेशानी हो रही है। कई जिला अस्पातलों की क्लेम राशि 50 लाख तक पहुंच गई है। यह कहना है प्रदेश के भर के सीएमएचओ व सिविल सर्जनों का। उनका कहना है कि मरीजों के इलाज पर खर्च की गई राशि के क्लेम के लिए बिल भी भेज दिया है, पर क्लेम नहीं मिल रहा है। प्रदेश में पिछले साल 23 सितंबर से आयुष्मान भारत योजना चल रही है। इसमें चिन्हित परिवारों को हर साल 5 लाख का मुफ्त इलाज किया जाता है। योजना के तहत अब तक करीब 36 हजार मरीजों का इलाज निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल व सीएचसी में किया जा चुका है, पर क्लेम की राशि नहीं मिली है। निजी अस्पतालों की भी कुछ राशि उधारी है। सरकारी अस्पताल में सतना व होशंगाबाद ने सबसे ज्यादा मरीजों का इलाज किया है। उन्हें कुछ राशि जारी की गई है। सीएमएचओ व सिविल सर्जन ने यह परेशानी यहां प्रशासन अकादमी में समीक्षा बैठक के दौरान कही।
इस पर स्वास्थ्य आयुक्त नीतेश व्यास ने जल्द ही राशि उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। नीतेश व्यास ने यह भी कहा है कि अप्रैल-मई में मच्छरजनित बीमारियों को रोकने के लिए अभियान चलाया जाए। बैठक में यह भी तय किया गया है कि 2019-20 में प्रदेश के सभी जिलों में हेल्थ एवं वेलनेंस सेंटर बनाए जाएंगे। अभी 26 जिलों में कुछ पीएचसी, सीएचसी व सब हेल्थ सेंटर को हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर बनाया गया है। इन केन्द्रों में गैर संचारी रोग जैस डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि के इलाज में दक्ष नर्स होंगी। पीएचसी व सीएचसी में डॉक्टर भी रहेंगे। यहां पर सभी जरूरी दवाएं, जांचों के साथ योग भी सिखाया जाएगा।कुपोषण से निपटने के लिए भी बैठक में रणनीति बनाई गई है। इसमें तय किया गया है कि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में ज्यादा से ज्यादा कुपोषित बच्चों को भर्ती किया जाए। छुट्टी होने के बाद लगातार फॉलोअप किया जाए। फैमिली प्लानिंग का लक्ष्य पूरा नहीं करने पर चर्चा की गई।
सुदामा नर-वरे/13अप्रैल2019