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लोक संस्कृतिजीवन का अहम अंगःअर्जित गलतियोंसे सीख लेकर उत्कृष्ट बने

04/10/2019

हमीरपुर (ईएमएस)। सुस्कृति जीवन का अहम हिस्सा है और यह संस्कृति मानव को उसकीजड़ों के साथ जोड़ती है। नेताजी सुभाष चंद्र बोष राजकीय महाविद्यालय में हिप्रविश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय युवा महोत्सव समूह-3 प्रतियोगिता में शुक्रवारके सत्र के मुख्यातिथि पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अर्जित सेन ठाकुर ने यह बात कही।उन्होंने कहा कि हिप्र के संगीत, नृत्य व संस्कृति को एक मंच पर उतारना बहुत बड़ाकार्य है। उन्होंने कहा इस प्रतियोगिता में प्रदेश की विभिन्न संस्कृतियों के एक मंच पर दर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम दर्शाता है कि युवा पीढ़ी संस्कृति की रक्षा कर इसे और समृद्धकरेगी। उन्होंने कहा कि संस्कृति में वर्तमान दौर में जो कुछ कुरीतियों उभरी हैंउनसे इसे बचाना युवाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा की युवा नशे की प्रवृति से दूर रह कर मानसिक वशारीरिक रूप से सशक्त बने। ठाकुर ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने आपकोंको किसी न किसी सकारात्मक कार्य में संलग्न रखें, चाहें उसमें कुछ गलतियां भी होगींतो उनसे सीख लेकर उसमें और उत्कृष्ट बना जा सकता है। महाविद्यालय की प्राचार्या डा. अंजू बत्ता सहगल ने मुख्यातिथि पुलिसअधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर का स्वागत करतेहुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को उनकी संस्कृति की जड़ों से जोड़ने का बेहतरीनमाध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सफलता जीवन के प्रति सकारात्मक दृश्टिकोण से आती है। डा.सहगल ने महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्यातिथि पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर वसमारोह के विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत प्राचार्य डा. रमेश चंद शर्मा को स्मृति चिन्हदेकर सम्मानित किया। इस अवसर पर निर्णायक मंडल के सदस्य मोहन राठौर, राजकुमारराठौर, डा. विनोद गंधर्व, गोविंद घोष, कालेज पूर्व छात्रसंघ के मंख्य सलाहकारसेवानिवृत्त कर्नल ए डी शर्मा, सरकाघाट केप्राचार्य आर सी ठाकुर, सेवानिवृत प्राचार्य सुंदर सिंह ठाकुर, जोगिंद्र सिंह चौहान,उप प्राचार्य प्रो. रीटा शर्मा, आयोजन सचिव डा. मधुर स्वर मिश्रा, प्रो. अमरजीत अत्री,प्रो. बलजीत जंबाल, प्रो. जी सी राणा, प्रो. कुसुम शर्मा, प्रो. कल्पना चड्ढ़ा,प्रो. नीलम गुलेरिया, प्रो. सुदेश जंबाल, प्रो. मुकेश कुमार, प्रो. नरेश चंदेल,प्रो. विपिन, प्रो. रविंद्र पाल,,प्रो. संगीता चौहान, प्रो. सुरेंद्र ठाकुर, प्रो.संजय कानूनगो, डा. मनोज डोगरा सहित गैरशिक्षक कर्मचारी व भारी संख्या में छात्र वर्ग उपस्थित रहा। आज हुईप्रतियोगिताएंप्रतियोगिता के दूसरे दिन शुक्रवार को लोक नृत्य स्पर्धा आयोजनकिया गया जिसमें प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों ने अपनी संस्कृतियों को मंच परप्रस्तृत किया। लोक नृत्य में राजकीय महाविद्यालय राजगढ़,,ज्वाली, ठियोग,जोगेंद्र नगर, हरिपुर (मनाली), कोटशेरा, आनी, हमीरपुर, ढलियारा, अम्ब,मुल्थान धर्मशाला, संस्कृत कालेज टुंगेश, आरकेएमवी शिमला, हिमोत्कर्ष महाविद्यालयऊना, एमएलएसएम सुंदरनगर, शिलाई, धर्मपुर, सुन्नी, सरकाघाट, बासा, सुजानपुर व बिलासपुरके छात्र-छात्राओं ने अपनी पारंपरिक छटा के रंग बिखेरे।
4 अक्तूबर: (विजयेन्दर शर्मा)