विशेष

(बैतूल) मुलताई विधानसभा में भाजपा की अनदेखी से खफा पवांर समाज क्या उतारेगा निर्दलीय प्रत्याशी

06/09/2018

बैतूल(ईएमएस)/नवल-वर्मा। मुलताई विधानसभा से पवांर समाज के प्रबल दावेदार राजा पवांर, जगदीश पी.एल. पवांर और राजू पवांर अनुराग जिलाध्यक्ष पवांर समाज का नाम प्रमुखता से उभरकर सामने आ रहा है। वर्तमान में राजा पवांर जिला पंचायत सदस्य हैं वहीं जगदीश पवांर भाजपा के जिला महामंत्री के पद पर हैं । वहीं राजू पवांर अनुराग जो कि वर्तमान में पवांर समाज के जिलाध्यक्ष है लेकिन विगत वर्षों  से ही अनवरत निःस्वार्थ समाजसेवा करते चले आ रहे हैं। 

राजू पवांर अनुराग ने समाज को एकत्रित और सुसंगठित कर मुलताई क्षेत्र में कड़ी मेहनत कर विगत वर्षों से सामाजिक ग्रामवासियों में अपनी गहरी पैठ बनाई है। समाज में मतभेद न हो और आगामी विधानसभा चुनाव में पवांर समाज से ही किसी को मुलताई विधानसभा की टिकिट मिले इसे लेकर समाज के पूर्व नेतृत्वकर्ता एवं सामाजिक बंधुओं से भी लगातार चर्चा कर अपने समाज के व्यक्ति को नेतृत्व मिले इसी बात पर केंद्रित होकर काम कर रहे हैं ।

समाज के बुद्धिजीवी लोगों के मन में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा मुलताई क्षेत्र के नेतृत्व करने पवांर समाज को जिसे लगभग 27 वर्षों से वंचित रखकर अन्य दूसरे समाज के लोगों को तवज्जो दी जाती रही है। जबकि पवांर समाज की बैतूल, आमला एवं मुलताई विधानसभा क्षेत्र में निर्णायक भूमिका रहती है जो कि लगातार भाजपा की रीति नीति के साथ खड़े रहते हैं। लगभग 80 प्रतिशत मतदाता भाजपा के सहयोगी है इसके बावजूद भी पवांर समाज को स्थानीय कथित बड़े नेताओं द्वारा महत्व न देकर वोट की राजनीति कर हर चुनाव में अनदेखा कर दिया जाता है। चूंकि पवार समाज विगत बैतूल के लोकसभा उपचुनाव में भी बड़चढ़कर हिस्सेदारी करके उपचुनाव में भाजपा को एकतरफा वोट करके जीत दिलाने में महती भूमिका निभा चुका है। लेकिन यह बात समझ से परे है कि पवार समाज जिस तरह भाजपा को प्रत्येक चुनाव को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है उसे ही सत्तासीन होने से वंचित रखा जाता है। पूर्व विधानसभा में भी पवार समाज के ही मतदाताओं ने बैतूल-मुलताई-आमला में भाजपा प्रत्याशियों को एक तरफा जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एक ओर जहां तीनों विधानसभाओं में पवार समाज के लोगों को सत्ता अथवा संगठन में भाजपा द्वारा कोई महत्व नहीं दिया गया जिसके चलते समाज के लोगों में अंदर ही अंदर विरोध के स्वर मुखर होते नजर आ रहे हैं। यदि आगामी विधानसभा चुनाव में मुलताई विधानसभा क्षेत्र से पवार समाज की इसी तरह अनदेखी की जाती है तो शायद इस बार भाजपा को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। जिसका प्रमुख कारण यह है कि पार्टी पदाधिकारी, सामाजिक लोगों में पैठ बिठाने में नाकाम रहे हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर समाज के लोगों की समस्याओं का निराकरण करने में भी भाजपाईयों ने कोई आतुरता नहीं दिखाई। पवार समाज में पल रहे इस विरोध को मद्देनजर रखते हुए यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी की आने वाले विधानसभा चुनाव में समाज के व्यवस्थित व्यक्तित्व को जागरूक सामाजिकगण निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी उतारने का मन बना रहे हैं। 
नवल-वर्मा-बैतूल / 06-सितम्बर-2018