राज्य समाचार

दिव्यांग मतदान दल के जज्बे के कायल हुए मतदाता

06/12/2018

(निर्वाचन सफलता की कहानी-)
भोपाल (ईएमएस)। विधानसभा निर्वाचन-2018 में ग्वालियर नगर के गजराराजा स्कूल मतदान केन्द्र क्रमांक-75 पर मतदाताओं को दिव्यांग मतदान दल के जज्बे ने उनका कायल बना दिया। मतदाताओं ने दिव्यांग मतदान दल में शामिल सभी अधिकारियों की सराहना की और कहा कि उन्हें ऐसा कतई नहीं लगा कि मतदान दल में शामिल दिव्यांग अधिकारी किसी भी स्तर पर, कहीं से भी कमजोर थे।
विधानसभा निर्वाचन में नवाचार के तहत ग्वालियर में दिव्यांग मतदान दल का भी गठन किया गया था। इसमें राजबहादुर सिंह पीठासीन अधिकारी, मुन्नीलाल चौरसिया मतदान अधिकारी क्रमांक-1, पारस जैन मतदान अधिकारी क्रमांक-2 और ओमप्रकाश शर्मा मतदान अधिकारी क्रमांक-3 का दायित्व सम्हाल रहे थे। मतदान दल द्वारा अपने काम को बेहतर ढंग से अंजाम दिया गया और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-17, ग्वालियर, दक्षिण के मतदान केन्द्र क्रमांक-75 पर मतदाताओं ने व्यवस्थित ढंग से मतदान किया। मतदान केन्द्र का प्रतिशत 69 प्रतिशत रहा, जो कि विधानसभा क्षेत्र के औसत मतदान 59.82 से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है।
पीठासीन अधिकारी सिंह ने बताया कि निर्वाचन के लिये शासकीय कार्यालयों से अधिकारी-कर्मचारियों की सूचियाँ जब कार्यालयों से बुलवाई जा रही थीं, तब बहुत से अधिकारी इस प्रयास में थे कि उन्हें ड्यूटी नहीं करना पड़े, परंतु उन्होंने खुद से आगे आकर अपनी ड्यूटी लगाने के लिये सहमति दी और दिव्यांग मतदान दल में पीठासीन अधिकारी बने। भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार सक्षम बूथ (दिव्यांग मतदान दल द्वारा संचालित केन्द्र) बनाने के निर्णय को ग्वालियर में सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया। ग्वालियर जिले के सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में 18 सक्षम बूथ बनाये गये थे। इन बूथों पर 15 हजार 159 मतदाता थे।
-दोनों पैरों की विकलांगता मतदान में नहीं बन सकी बाधक
मतदान केन्द्र पर निर्वाचन आयोग की पहल पर मतदाताओं के लिये उपलब्ध कराई गई सुविधाओं में व्हील-चेयर की सुविधा भी दी गई। इसी के चलते ग्वालियर जिले के मतदाता कमल उच्चारिया बताते हैं कि वह दोनों पैर से विकलांग है। इसके बावजूद उन्हें मतदान करने में परेशानी नहीं हुई। ग्वालियर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, मुरार में उन्हें मतदान केन्द्र पर मतदान करने के लिये सुविधा उपलब्ध कराई गई। उन्होंने इसके लिये हेल्पलाइन नम्बर डायल किया। इसके थोड़ी देर बाद ही संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय व्हील-चेयर लेकर उनके पास पहुँच गये और फिर व्हील-चेयर पर बैठाकर उच्चारिया को मतदान केन्द्र पहुँचाया गया, जहाँ पर उन्होंने मताधिकार का प्रयोग किया।
ग्वालियर जिले में 7,355 दिव्यांग मतदाता थे। इनमें 71 दृष्टिबाधित मतदाता भी शामिल थे। दृष्टिबाधित मतदाताओं को ब्रेल लिपि में मतदाता पर्ची मुहैया कराई गई। दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक ले जाने तथा पुन: उनके निवास तक छोड़ने के लिये 60 वाहनों का उपयोग भी किया गया।
हरि पसाद पाल / 06 दिसम्बर, 2018