राज्य समाचार

भदभदा बांध का गेट खोला

06/08/2022

-प्रदेशप में फिर एक्टिव हो रहा सिस्टम
भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में लंबे ब्रेक के बाद आज से बारिश का एक और दौर शुरू होने वाला है। पिछले दो दिन में भोपाल-इंदौर में खूब बारिश हुई। सबसे ज्यादा इंदौर में 4 इंच पानी गिरा। इंदौर में शुक्रवार रात 3 घंटे में ही 3 इंच पानी गिर गया। भोपाल में भी रात 12 बजे के बाद बादल टूटकर बरसे। भोपाल में भदभदा डैम (Bhadbhada Dam) का एक गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। गुना, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, उज्जैन, मलाजखंड, नौगांव और खजुराहो में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, आज से दोबारा पूरे रूक्क में मानसून सिस्टम एक्टिव हो जाएगा। बंगाल की खाड़ी में 7 अगस्त तक लो प्रेशर एरिया बन जाएगा। इससे 8 अगस्त से कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि 18 अगस्त तक प्रदेशभर में पानी गिरता रहेगा। इसके बाद बारिश का जोर कम होगा। 19 से 25 अगस्त तक ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, बघेलखंड, महाकौशल और नर्मदापुरम में रिमझिम होती रहेगी। रक्षाबंधन के दिन यानी 11 अगस्त को भोपाल में जोरदार बारिश की संभावना है। अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 7त्न ज्यादा बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर अब तक करीब 20 इंच बारिश होनी थी, जबकि इस बार साढ़े 21 इंच बारिश हो चुकी है।
जबलपुर-इंदौर में सामान्य से कम बारिश
अभी तक बुंदेलखंड, बघेलखंड और जबलपुर, इंदौर में सामान्य से कम बारिश हुई है। जबलपुर में 7त्न और इंदौर में 1त्न कम पानी गिरा है। 14 जिलों में 22 से लेकर 46त्न तक कम बारिश हुई। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, अलीराजपुर, झाबुआ, दमोह, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, टीकमगढ़, निवाड़ी और देवास में हालात ज्यादा खराब हैं।
यह सिस्टम बन रहा
वर्तमान में मध्य राजस्थान के ऊपर चक्रवातीय गतिविधियां सक्रिय हैं। पश्चिमी विक्षोभ (पाकिस्तान से आने वाली हवाएं) मध्य पाकिस्तान के आसपास संयुग्मित ट्रफ के साथ चक्रवातीय गतिविधियों के रूप में बना हुआ है। वहीं, मानसून ट्रफ बीकानेर-कोटा से लेकर रायसेन-रायपुर और दीघा होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। साथ ही, मध्य कर्नाटक और झारखंड के ऊपर भी चक्रवात सक्रिय हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बना हुआ है। इसके प्रभाव में 7 अगस्त को पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर क्षेत्र बनने की संभावना बनी हुई है।
विनोद / दशरथ / 06 अगस्त 22