राज्य समाचार

चुनावी वादों से विश्वासघात और किसानों की अनदेखी के खिलाफ़ एकजुट होंगे किसान संगठन

10/09/2019

15 सितम्बर को बनेगी संघर्ष समन्वय समिति
भोपाल (ईएमएस)। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति से मध्यप्रदेश में जुड़े किसान संगठनों की बैठक आगामी 15 सितंबर को 11 बजे से विधायक विश्राम गृह के खंड 2 स्थित सभागार में रखी गई है। इस आशय का एलान अखिल भारतीय किसान सभा के मध्यप्रदेश राज्य कार्यालय में हुई चर्चा के बाद समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक वी एम सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज, किसान संघर्ष समिति के डॉ सुनीलम, किसान जागृति संगठन के इरफान जाफरी ने किया।
बैठक में किसानों से जुड़ी, कांग्रेस के चुनावी वचन पत्र एवम नेताओं की घोषणाओं पर गत 9 महीनों में किये गए अमल की समीक्षा की जाएगी। विशेष तौर पर 2 लाख रुपये तक के कर्ज़ की माफी, किसानों पर मन्दसौर एवम अन्य जिलों में लादे गए फर्जी मुकदमों, अति वर्षा से खराब हो रही फसलों के मुआबजे और फसल बीमा के भुगतान सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के बाद प्रदेश में मजबूत किसान आंदोलन खड़ा करने के बारे में निर्णय लिए जाएंगे। समिति की बैठक में भावी संघर्ष के लिए किसानों की समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश का किसान घोषणा पत्र (चार्टर) भी तैयार किया जाएगा, जिसमें किसान पेंशन ,कृषि भूमि अधिग्रहण पर रोक, फसल बीमा, गन्ना, सोयाबीन किसानों, दुग्ध उत्पादक, पशु पालक किसानों सहित अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की मध्यप्रदेश इकाई का गठन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति 212 किसान संगठनों के सांझा मंच है ,जो किसानों की सम्पूर्ण कर्ज़ा मुक्ति ,लाभकारी मूल्य की गारेंटी हेतु कानून संसद से पारित कराने के लिए राष्ट्र व्यापी आंदोलन चला रहा है। उन्होंने बताया कि इस समन्वय में उपरोक्त के अलावा नर्मदा बचाओ आंदोलन की मेधा पाटकर, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राहुल राज, रोको टोको ठोको आंदोलन के उमेश तिवारी ,गैरतगंज किसान संगठन के गगन गौर, आम किसान यूनियन के राम इनानिया और अखिल भारतीय किसान सभा (अजय भवन) के कैलाश दास बैरागी सहित करीब 50 संगठनों के प्रतिनिधिगण शामिल होंगे। किसान नेताओं ने सभी किसान संगठनों से इस संघर्ष समन्वय मे शामिल होने की अपील की है।
डेविड/ईएमएस 10 सितंबर 2019