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(इन्दौर) विद्याधाम गौशाला पर आज गौवंश हेतु 56 भोग महोत्सव -

08/11/2018

:: पूरी गौशाला में 1008 दीपों की श्रृंखला सजेगी - गोधूलि बेला में होगी महाआरती ::
इन्दौर (ईएमएस)। विमानतल मार्ग स्थित विद्याधाम की गौशाला पर गुरूवार 8 नवंबर को अपरान्ह 4 बजे से पहली बार गौवंश के लिए आयोजित ‘छप्पन भोग महोत्सव’ की तैयारियां पूरी हो गई हैं। गौवंश के लिए हो रहे इस 56 भोग महोत्सव के दौरान गौशाला की सभी गायों की साज-सज्जा के साथ ही गौशाला पर एक हजार आठ दीपों की श्रृंखला भी सजाई जा रही है। गौशाला परिसर में भगवान कृष्ण की नयनाभिराम 11 फीट ऊंची झांकी का निर्माण पूरा हो चुका है। इस झांकी में भगवान कृष्ण अपनी एक अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को धारण करेंगे। भगवान कृष्ण को भी छप्पन भोग लगेगा।
आश्रम परिवार के पूनमचंद अग्रवाल, गोपाल मालू एवं राम ऐरन ने बताया कि महोत्सव में गौवंश के लिए उनके प्रिय व्यंजनों को परोसने के लिए 10 से 15 बड़े पात्रों की व्यवस्था की जा रही है। महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सान्निध्य एवं आचार्य पं. राजेश शर्मा के निर्देशन में 51 विद्वान आचार्यों द्वारा गौपूजन, छप्पन भोग, गोवर्धन पूजन एवं महाआरती के आयोजन होंगे। गोवर्धन पूजा के साथ ही गोधूलि बेला में गौवंश की महाआरती होगी तथा मंदिर मंे 9 नवंबर से ही यह व्यवस्था लागू की जा रही है कि पहले गौवंश की आरती होगी और उसके बाद ही मंदिर की नियमित आरती होगी।
आश्रम परिवार के सुरेश शाहरा, राजेंद्र महाजन, सत्यनारायण दूधवाले एवं गौसेवा भारती के योगेश होलानी के अनुसार गौ वंश के लिए छप्पन भोग के रूप में फल, अनाज, सब्जी, भूसा, हरा चारा एवं खली-कपास्या सहित सभी खाद्य सामग्री गौशाला परिसर में उपलब्ध रहेगी, भक्तों को बाहर से लाने की जरूरत नहीं रहेगी। गौवंश को उनके प्रिय व्यंजन परोसने के लिए 10 कार्यकर्ता भी यहां अपनी सेवाएं देंगे। महोत्सव सभी गौभक्तों के लिए अपरान्ह 4 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। आश्रम पर नियमित गोवर्धन पूजा सुबह 8 बजे से प्रारंभ हो जाएगी। आश्रम की गौशाला में वर्तमान में करीब 350 गौवंश है। उत्सव में सभी व्यवस्थाएं इस ढंग से की जा रही हैं कि सभी गौवंश को समान रूप से उनके प्रिय व्यंजनों के आहार का अवसर मिल सके। गौशाला के बाहर परंपरागत गोवर्धन पूजन की व्यवस्था भी दिनभर उपलब्ध रहेगी।
उमेश/पीएम/8 नवम्बर 2018

संलग्न चित्र - गौशाला।