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प्रधानमंत्री गुरुवार को रांची से देश को देंगे कई सौगात

11/09/2019


देश की पहली पेपरलेस विधानसभा भवन व साहेबगंज बंदरगाह के उद्घाटन के साथ ही देश को तीन बड़ी योजनाओं की देंगे सौगात
रांची(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार बारह सितंबर को रांची में देश की पहली पेपरलेस विधानसभा के नये भवन एवं साहेबगंज मल्टी माॅडल टर्मिनल का उदघाटन करेंगे और देश को तीन बड़ी योजनाओं की सौगात देंगे।
प्रधानमंत्री 12 सितंबर को रांची में करीब दो घंटे तक रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी किसान, व्यापारी और जनजातीय समुदाय के लिए राष्ट्रीय स्तर की तीन बड़ी योजनाओं की शुरूआत करेंगे। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष रांची से ही विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरूआत की थी और कल रांची से ही पूरे देश को तीन बड़ी योजनाओं प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, खुदरा व्यापारी दुकान एवं स्वरोजगार पेंशन योजना और देशभर के जनजातीय क्षेत्रों के लिए 462 एकलव्य विद्यालय की सौगात देंगे।
प्रधानमंत्री रांची में नवनिर्मित झारखंड भवन के नये भवन और साहेबगंज में तैयार मल्टी माॅडल टर्मिनल का उदघाटन करने के साथ ही रांची विधानसभा के नये भवन के निकट करीब 1238करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नये सचिवालय भवन की भी आधारशिला रखेंगे । इस मौके पर प्रधानमंत्री करीब एक लाख से अधिक उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
19वर्ष बाद विस का अपना भवन
राज्य के सबसे बड़े पंचायत भवन की आधारशिला राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रखी थी। धुर्वा के कुटे में 39 एकड़ भूमि पर, 465 करोड की लागत से, 57,220 स्क्वायर मीटर क्षेत्र, 37 मीटर ऊंचा गुम्बद(ऐसा देश मे पहला) और झारखण्डी कला संस्कृति की झलक खुद में समेटे है नवनिर्मित विधानसभा भवन। भवन के मुख्य गुम्बद में की छत आदिवासी समुदाय की मूल अवधारणा जल, जंगल और जमीन को स्थानीय सोहराय चित्रकारी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। दो भागों में विभक्त विधानसभा में 162 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है। भवन में प्रेस दीर्घा, पदाधिकारी दीर्घा, दर्शक दीर्घा, अतिविशिष्ट आगंतुकों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। 22 मंत्री कक्ष, 17 विधानसभा समिति कक्ष, मुख्य सचेतक, विधानसभा के पदाधिकारियों, कर्मचारियों के लिए माकूल प्रबंध किए गए हैं। यह भवन विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त हरित भवन की अवधारणा को पूर्ण करता है। मुख्यभवन में 600 ज्ञॅच् विद्युत की आपूर्ति सौरऊर्जा के माध्यम से प्राप्त की जायेगी। यह आपूर्ति आंतरिक एवं बाहय आवश्यक्ताओं की 15 प्रतिशत प्रतिपूर्ति करेगा। भवन में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। वर्षा जल संचयन हेतु भूमि गत 6 अदद रिचार्ज पिट लगाया गया है।
मल्टी-मोडल टर्मिनल से खुलेगा वैश्विक बाजार का रास्ता
साहेबगंज में गंगा पर बने भारत के दूसरे मल्टी-माॅडल टर्मिनल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री झारखंड के रांची में आयोजित किये जाने वाले एक कार्यक्रम के दौरान दोतरफा डिजिटल संचार प्रणाली के जरिए अत्याधुनिक टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। शिपिंग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मांडविया झारखंड के साहिबगंज में उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही अप्रैल 2017 में आईडब्ल्यूएआई के साहिबगंज मल्टी-मोडल टर्मिनल की आधारशिला रखी थी, जिसका निर्माण लगभग दो वर्षों की रिकॉर्ड अवधि में 290 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। यह जल मार्ग विकास परियोजना (जेएमवीपी) के तहत गंगा नदी पर बनाए जा रहे तीन मल्टी-मोडल टर्मिनलों में से दूसरा टर्मिनल है। इससे पहले नवम्बर, 2018 में प्रधानमंत्री ने वाराणसी में मल्टी-मोडल टर्मिनल (एमएमटी) का उद्घाटन किया था। साहेबगंज स्थित मल्टी-मोडल टर्मिनल झारखंड एवं बिहार के उद्योगों को वैश्विक बाजार के लिए खोलेगा और इसके साथ ही जलमार्ग के जरिए भारत-नेपाल कार्गो कनेक्टिविटी सुलभ कराएगा। यह राजमहल क्षेत्र स्थित स्थानीय खदानों से एनडब्ल्यू-1 पर स्थित विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों को घरेलू कोयले की ढुलाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस टर्मिनल के जरिए कोयले के अलावा स्टोन चिप्स, उर्वरकों, सीमेंट और चीनी की भी ढुलाई किए जाने की आशा है। मल्टी-मोडल टर्मिनल से इस क्षेत्र में लगभग 600 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार और तकरीबन 3000 लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की आशा है। नये मल्टी-मोडल टर्मिनल के जरिए साहिबगंज में सड़क-रेल-नदी परिवहन के संयोजन से अंदरूनी इलाकों का यह हिस्सा कोलकाता एवं हल्दिया और उससे भी आगे बंगाल की खाड़ी से जुड़ जाएगा। इसके अलावा साहिबगंज नदी-समुद्र रूट से बांग्लादेश होते हुए पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ जाएगा। उपर्युक्त टर्मिनल की क्षमता 30 लाख टन सालाना है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत दूसरे चरण में क्षमता विस्तार के लिए 376 करोड़ रुपये निवेश करने के बाद यह क्षमता बढ़कर 54.8 लाख टन सालाना हो जाएगी। इस परियोजना के पहले चरण की लागत 290 करोड़ है और 10 नवंबर 2016 को परियोजना की शुरूआत हुई थी। बंदरगाह की लंबाई 270 मीटर , चैड़ाई 25 मीटर, बर्थिंग और लंगर की सुविधा के साथ है और एक मोबाइल हार्बर क्रेन भी है। मल्टी-मोडल टर्मिनलों का निर्माण जल मार्ग विकास परियोजना के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य 1500-2000 टन तक के वजन के बड़े जहाजों के नौवहन के लिए वाराणसी और हल्दिया के बीच गंगा नदी के फैलाव को विकसित करना है।
सिन्हा/11.20/11सितंबर19