राज्य समाचार

सस्ती बिजली, कर्जा माफ, पिछड़ों से किया इंसाफ - सचिन यादव

19/03/2019

भोपाल (ईएमएस)।कृषि मंत्री सचिन यादव ने आज पत्रकार वार्ता में कहा कि , कांग्रेस पार्टी की सरकार के गठन के बाद कम समय में मध्यप्रदेश को एक ऐसे राज्य का गौरव हासिल हुआ है जहां देश की सबसे सस्ती बिजली किसानों को दी जा रही है, देश का ऐसा पहला राज्य मध्यप्रदेश बन गया है जहां सबसे ज्यादा किसानों का कर्जा माफ किया गया है, साथ ही ऐसा पहला राज्य है जहां सबसे ज्यादा समाज के पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिया गया हैं । इतना ही नहीं अब तो किसानों से फसल की खरीद का नया रिकार्ड भी मध्यप्रदेश निर्धारित करने लगा है ।
यह सब संभव हुआ है, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के अनथक प्रयासों और इच्छा शक्ति से। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह सौभाग्य मुझे सौंपा है कि कृषि मंत्री होने के नाते किसानों का कर्ज माफ, बिजली बिल हाफ और फसलों के दामों को लेकर किसानों के साथ न्याय कर सकूं।
भविष्य का मध्यप्रदेश, किसानों को फसलों के सही दाम मिल सके इस दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाने वाला है और यह सौभाग्य भी मध्यप्रदेश को ही मिलने वाला है कि वह कांग्रेसनीत सरकार में किसानों की फसलों के दाम का स्थाई समाधान देश के सामने रखेगा।
-कर्ज माफ, अन्नदाता से इंसाफ
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार का गठन 17 दिसम्बर, 2018 को हुआ । सरकार के गठन के एक घंटे के भीतर ही प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना की घोषणा कर दी । तत्पश्चात 18 दिनों के भीतर मंत्रीपरिषद ने इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी । सरकार गठन के एक माह से कम अवधि में ऋणि किसानों के आवेदन पत्र लेने का काम प्रारभ हुआ और लगभग 50 लाख से अधिक किसानों के आवेदन पत्र आॅन लाईन किए गए तथा बैंक शाखा में सत्यापन कराकर अब तक 24 लाख 84 हजार किसानों को 2 लाख रूपये तक के उनके कर्ज से मुक्ति दिला दी । इस योजना के तहत लगभग 50 लाख किसानों का 40 हजार करोड़ रूपये से अधिक का कर्ज मध्यप्रदेश की सरकार माफ करने जा रही है ।
मध्यप्रदेश को यह सौभाग्य भी हासिल हुआ कि वह देश का पहला प्रदेश बन गया जिसने सर्वाधिक तेजी से किसानों के कर्ज माफी की प्रक्रिया को अंजाम दिया है । ज्ञातव्य है कि भाजपा शासित महाराष्ट्र एवं उत्तरप्रदेश में 2 साल के उपरांत भी अब तक 60 से 70 प्रतिशत से भी कम किसान कर्ज माफी का काम किया गया है और मध्यप्रदेश ने बहुत कम समयावधि में 50 प्रतिशत किसानों की कर्ज माफी का कार्य पूर्ण कर लिया है ।
कांग्रेस सरकार के सम्मुख इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा थी जो भाजपा शासन में किसानों के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों ने फर्जी लोन बैंकों से लिए थे उन्हें पकड़ना और कांग्रेस सरकार ने इस प्रक्रिया को इतना पारदर्शी रखा कि ऐसे सारे लोग बेनकाब हो गए जिन्होंने पिछली सरकार में षडयंत्रपूर्वक किसानों के नाम पर धोखाधड़ी की थी ।
-फसलों के उचित दाम और खरीदी का रिकार्ड
मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात देते हुए 25 मार्च 2019 से प्रारंभ हो रही गेहूं के उर्पाजन के लिए 160 रू. प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि किसानों को देने की घोषणा की है । अब किसानों का गेहूं 2000 रू. प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य से खरीदा जाएगा । इतना ही नहीं खरीफ 2018 हेतु फ्लेट भावांतर योजना के अन्तर्गत मक्का के लिए भी प्रोत्साहन राशि 250. रू. प्रति क्विंटल कमलनाथ सरकार ने घोषित की है । साथ ही बताते हुए भी गौरव का अनुभव कांग्रेस की सरकार कर रही है कि खरीफ सीजन 2019 में कमलनाथ सरकार ने 21.18 लाख मैट्रिक टन धान की रिकार्ड खरीदी की है, जो कि पिछली भाजपा सरकार ने यह आंकड़ा मात्र 15.59 लाख मैट्रिक लाख टन था । इतना ही नहीं प्याज प्रोत्साहन योजना भी कांग्रेस सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है, यह सुनिश्चित किया गया है रबी सीजन में उत्पादित प्याज की दरें 800 रूपये प्रति क्विंटल बनी रहे ।
-किसानों को सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य बना मध्यप्रदेश
7 फरवरी, 2019 को कमलनाथ सरकार ने किसानों के हक में एक बहुत बड़ा कदम आगे बढ़ाया है । 10 हार्स पाॅवर तक के पम्प वाले किसानों की बिजली की दरें आधी कर दी गई है । अब मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां किसानों को बिजली मात्र 44 पैसे प्रति यूनिट की दर से दी जा रही है । इस योजना से 19 लाख किसानों को फायदा मिल रहा है ।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसानों के साथ छलावा
केन्द्र की भाजपा सरकार ने हाल ही में 5 एकड़ तक के लघु और सीमांत किसानों को 6 हजार रूपये प्रति वर्ष देने की घोषणा की है । चुनाव के कुछ ही समय पहले भाजपा सरकार की यह घोषणा सन्देह के घेरे में आ जाती है, क्योंकि देश के अधिसख्ंय राज्यों में इस प्रकार का कोई डेटाबेस तैयार नहीं है जिससे तुरंत यह पता लगाया जा सके कि ऐसे कितने किसान है जिनके पास 5 एकड़ से कम जमीन है और उनके अकांउट नंबर क्या है ? दूर्भाग्यपूर्ण बात तो यह है कि बीते 15 सालों से मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार है, उसने भी कभी इस प्रकार का अध्ययन नहीं किया । बड़ी बात यह है कि पिछले 5 सालों में मोदी सरकार ने डीजल के भावों में उर्वरकों के भाव में और कीटनाशकों के भावों इत्यादि में लगभग 4 हजार रूपये प्रति एकड़ की इन्पुट काॅस्ट (लागत मूल्य) बड़ा दी है । अर्थात 5 एकड़ पर 20 हजार रूपये लागत मूल्य बड़ गया अब मोदी सरकार 6 हजार रूपये साल देने का छलावा कर रही है । अर्थात पहले दोनों हाथों से किसानों को लूटा और अब ऊंट के मुंह में जीरा ।
सही मायने में, सही समाधान राहुल गांधीजी ने घोषित किया है जिसमें उन्होंने देश में वंचितों के लिए न्यूनतम आय सुनिचित करने की बात कही है । इस कानून में खेत के मजदूर भी शामिल होते है और किराए पर खेत लेकर खेति करने वाले किसान भी शामिल होते है, जिन्हें मोदी सरकार ने अपनी योजना में छोड़ दिया है ।
-मोदी सरकार का मध्यप्रदेश के किसानों को धोखा
जहां एक और मध्यप्रदेश को पूर्व की भाजपा सरकार आर्थिक रूप से बदहाल कर गई है, वहीं दूसरी ओर केन्द्र की मोदी सरकर भी मध्यप्रदेश के किसानों के साथ छलावा कर रही है । मोदी सरकार ने भावान्तर भुगतान योजना के 1 हजार 17 करोड़ रूपये मध्यप्रदेश के हक के अब तक नहीं दिए है । खरीफ 2017 के 576 करोड़, खरीफ 2018 सोयाबीन के 321 करोड़ और अतिरिक्त सोयाबीन के 6 लाख मैट्रिक टन के 120 करोड़ । इतनी प्रतिकूल आर्थिक हालातों के बावजूद कमलनाथ सरकार किसानों के हक में दृढ़ता से हर कदम उठा रही है ।
-पिछड़े वर्गों को आरक्षण के न्याय में मध्यप्रदेश अव्वल
मध्यप्रदेश के पिछड़े वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए एक ऐसा कदम कमलनाथ सरकार ने उठाया है जिसकी जितनी सराहना की जाए उतनी कम है । मध्यप्रदेश के पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश बन गया है। प्रदेश की आधी से अधिक आबादी, प्रदेश में पिछड़े वर्ग की है । हजारों वर्षों की वेदनाएं सह कर, वे देश और प्रदेश की तरक्की में अपनी भूमिका निर्धारित कर रहे हैं । यह प्रदेश के पिछड़े वर्ग के लिए सौभाग्य का विषय है कि कमलनाथ सरकार ने पिछड़े वर्ग को अपनी प्राथमिकता में रखा और उनकी तरक्की के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का एक बड़ा कदम उठाया है।
हरि प्रसाद पाल / 19 मार्च, 2019