व्यापार

नाफेड एमएसपी पर खरीदेगा 20-20 लाख टन दलहन, तिलहन

13/04/2019

नई दिल्ली (ईएमएस)। सहकारी संस्था नाफेड के प्रबंध निदेशक संजीव चड्ढा ने कहा कि नाफेड की चालू रबी (जाड़े में बोई गई फसल) कटाई सत्र में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 20 लाख टन सरसों और 15-20 लाख टन दलहन खरीदने की योजना है। उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी दिलाने के लिए सरकार की ओर से नाफेड, दलहनों और तिलहनों को खरीदेगा। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों ने इस खरीद कार्यों को अंजाम देने के लिए धन की व्यवस्था की है। चड्ढा ने कहा, हम चालू रबी फसल कटाई के मौसम में 15-20 लाख टन दलहन और 20 लाख टन सरसों की खरीद करने वाले है। उन्होंने कहा कि नैफेड के पास पहले से ही 35 लाख टन दालों का भंडार है। दालों के स्टॉक के निपटान के बारे में पूछे जाने पर, चड्ढा ने कहा कि केंद्र राशन की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए रियायती मूल्य पर राज्यों को दाल उपलब्ध कराता है।
चड्ढा ने कहा कि नाफेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) निजी उद्यमियों के साथ मिलकर देशभर में जैव-सीएनजी विनिर्माण संयंत्रों की स्थापना कर रहे हैं। इस मौके पर आईओसी के कार्यकारी निदेशक सुबोध कुमार ने कहा कि संयंत्र स्थापित करने के लिए अब तक लगभग 200 पत्र आशय पत्र (एलओआई) जारी किए जा चुके हैं, जिसमें प्रत्येक में 25-40 करोड़ रुपए के निवेश की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि तेल विपणन कंपनियां अपने खुदरा दुकानों के माध्यम से आपूर्ति के लिए इन संयंत्रों से लगभग 50 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से संपीडित बायो-गैस खरीदेगी। कुमार ने कहा कि इन परियोजनाओं को प्राथमिकता वाले क्षेत्र के तहत ऋण दिया जाना चाहिए ताकि निजी कंपनियों को सस्ती दरों पर धन मिले। हरित ऊर्जा कंपनी क्लीन एफेंटेक (सीईएफ) इन प्रस्तावित संयंत्रों को प्रौद्योगिकी प्रदान करेगी। सीईएफ के समूह निदेशक (व्यवसाय विकास) मनिंदर सिंह ने कहा,हम उम्मीद करते हैं कि इस साल के अंत तक उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब में कई संयंत्र चालू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार वर्ष 2023 तक 5,000 इसतरह के संयंत्रों को लगाने का लक्ष्य कर रही है।
आशीष/13 अप्रैल 2019