क्षेत्रीय

धनुषधारी मंदिर की भूमि पर बने स्थाई अतिक्रमण पर चला जेसीबी का पंजा

10/02/2019

एसडीएम, तहसीलदार एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने सात निर्माण ढहाए, छुट-पुट बिरोध का करना पड़ा सामना
अशोकनगर (ईएमएस)। नये बस स्टेण्ड के पीछे नहर कालोनी से लगी हुई माफी की जमीन अवैध रूप से किये गये अतिक्रमण को रविवार की दोपहर राजस्व विभाग द्वारा हटा दिया गया है। लोग वहां पक्के निर्माण कर रहने लगे थे। जिसकी शिकायत राजस्व विभाग को की गई थी। कार्रवाई को देख सभी लोग वहां से भाग खड़े हुये।
बस स्टेंड के आसपास करीब 100 बीघा भूमि नगर के लम्बरदार मोहल्ला स्थित धनुषधारी मंदिर के नाम दर्ज है। भूमि पर आसपास के दबंग भू-माफिया लोगों को बहला-फुसलाकर यहां सस्ते दामों में जमीनें विक्रय करने में लगे हुये हैं। राजस्व विभाग में शनिवार को हुये आदेश के बाद रविवार दोपहर में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बारी-बारी से अतिक्रमण ढहा दिये गये। सात लोगों को नोटिस जारी किये गये थे। तहसीलदार इसरार खान ने बताया कि इनमें तीन लोगों के नाम ज्ञात होने पर नोटिस दिये गये थे। बाकी की जानकारी जुटाई जा रही है। मंदिर की भूमि पर कुछ लोग पक्के मकान बनाकर रहने लगे थे जबकि कुछ पक्के निर्माण कार्य चल रहे थे। नगरपालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी के माध्यम से निर्माण ढहाये। इस दौरान दो दर्जन के लगभग देहात थाना सहित अन्य पुलिसबल मौजूद रहा। कार्रवाई होते देख आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और प्रशासन को छुट-पुट विरोध का सामना भी करना पड़े। लेकिन पुलिस ने लोगों को खदेड़ दिया।
टीम में यह रहे शामिल:
अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व विभाग की टीम में एसडीएम नीलेश शर्मा, तहसीलदार इसरार खान के साथ नायब तहसीलदार श्री मंडेलिया, राजस्व निरीक्षक दोजीराम अहिरवार, राजस्व निरीक्षक कैलाशचंद मौर्य, शहर पटवारी हरिओम शर्मा, पटवारी विकास रघुवंशी, दिनेश शर्मा, भगवती सोनी, अरविंद्र रघुवंशी, हरिओम कलावत, देवंद्र यादव, आकाश जैन, वंदना रघुवंशी सहित दो दर्जन पुलिस बल, नपा का अमला कार्रवाई में शामिल रहा।
सरकारी अधिकारी भी कब्जाधारी:
माफी की भूमि पर एक सरकारी अधिकारी भी कब्जाधारी है। राजस्व विभाग की टीम ने बताया कि बहादुरपुर के पशु चिकित्सालय में पदस्थ सहायक वैटनरी फील्ड ऑफीसर जयसिंह सिकरवार का मकान बना हुआ था। मकान में लोग निवास भी करते थे। इस संबंध में जब उनसे बात की गई तो उन्होंने बताया हमारे 4-5 लाख बेकार चले गये। जमीन के बारे में बताया कि कोई कमल महाराज से हमने प्लाट लिया था और नोटरी कराई थी।
100 बीघा पर हैं कब्जे:
मंदिर के नाम इतनी अधिक भूमि होने के बाद भूमि का उपयोग न होने से माफियाओं द्वारा जमीन को विक्रय कर रहे हैं। प्रषासन 100 बीघा जमीन मंदिर की बता रहा है लेकिन यह जमीन कागजों में ही दिखाई देती है। बाकी मौके पर सभी जगह कब्जे हैं। जहां देखो वहां अतिक्रमण ही दिखाई देता है। लेकिन प्रशासन ने आज सिर्फ 7 मकानों पर कार्रवाई की। जबकि उसके आसपास सैकड़ों मकान इस भूमि पर बने है और लोग निवास भी कर रहे हैं। बस स्टैंड भी माफी की भूमि पर बनाया गया है। जिसके लिये नगरपालिका ने 10 बीघा जमीन का पैसा भरकर उस पर निर्माण किया है। बता दें कि आज से 10 साल पूर्व तात्कालीन तहसीलदार नसीर खान द्वारा नहर कॉलानी सहित ठाकुर कॉलोनी के दर्जनों मकानों का हाईकोर्ट के आदेष से ढहाया गया था और जिसके द्वारा यहां प्लाट काटे गये थे वह फरार हो गया था। इस भूमि पर पिछले 20 सालों से कब्जे किये जा रहे हैं लेकिन प्रशासन कार्रवाई सिर्फ दो बार कर पाया है। आज भी मंदिर सहित सरकारी भूमि को प्रषासन सुरक्षित नहीं रख पा रहा है।
इनका कहना:
धनुषधारी मंदिर की भूमि पर 7 लोगों ने अवैध निर्माण कर लिये थे। मंदिर की भूमि को सुरक्षित रखने के लिये शिकायत मिलने पर आज कार्रवाई की गई। हमारे द्वारा उक्त निर्माण को ढहा दिया गया है। मंदिर की भूमि पर कुछ लोगों ने निर्माण कर निवास बना लिये थे तो कुछ का निर्माण कार्य चल रहा था। आगे जांच कर और भी कार्रवाई की जाएगी। यह भूमि इन्हें किसने बेची इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
इसरार खान, तहसीलदार अशोकनगर
यहां धनुषधारी मंदिर की कुल 100 बीघा जमीन है। जो कि अलग-अलग सर्वे नंबर पर स्थित है। सर्वे नंबर 646 व 647 की कुल 20 बीघा जमीन पर बने 7 अतिक्रमण हटाये गये हैं। इसमें एक बहादुरपुर पशु चिकित्सालय में पदस्थ एबीएफओ जयसिंह सिकरवार का निर्माण भी तोड़ा गया है। बाकी जिन लोगों ने मकान बनाये हैं। उनकी भी पड़ताल की जा रही है।
हरिओम शर्मा, शहर पटवारी, अशोकनगर
ईएमएस/प्रवीण/10/02/2019