क्षेत्रीय

देहलीगट में खुलेआम चोरी के वाहनों के कटान पर क्यों आंख मूंदे खाकी

22/02/2021

अलीगढ़ (ईएमएस)। अवैध कारोबार पर पुलिस व प्रशासन ने जांच-पड़ताल तो शुरू की है, लेकिन ठोस कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है। कबाड़ के अवैध कारोबार पर तो पुलिस हाथ ही नहीं डाल रही है। थाना देहलीगेट क्षेत्र में अवैध रूप से पुराने वाहनों के अलावा चोरी के वाहन काटने का कार्य बड़े पैमाने पर चल रहा है।
यही वजह है कि चोरी के वाहन खरीदकर काटने का काम बदस्तूर जारी है। सवाल यह उठता है कि ऐसी क्या वजह है कि पिछले कई साल से यह कारोबार अचानक फलने-फूलने लगा है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण कबाड़ के कारोबार की आड़ में संयंत्रों व भारी भरकम स्क्रेप चोरी कर खपाए जा रहे। पहले पुलिस की सख्ती से यह धंधा बंद हो गया था। उस दौरान पुलिस ने सभी स्थान पर जाकर जांच पड़ताल भी की थी। मशीनों के पार्ट्स व चोरी के दर्जनों वाहनों के अलावा अन्य सामान भी कबाड़ दुकान से बरामद किया था। पुलिस का शिकंजा कसने पर कबाड़ी घर का सामान भी नहीं खरीद रहे थे। ऑटो गैरेज में भी काफी मात्रा में कबाड़ निकलते हैं, पर कबाड़ की दुकानें बंद हो जाने पर इसे खपाना मुश्किल हो गया था। आलम यह है कि शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी कबाड़ियों ने अपनी दुकान खोल ली है। यहां खुलेआम कबाड़ लिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कबाड़ी ने सड़क के दोनों किनारे सामान डाल दिया है। इससे सड़क भी सकरी हो गई है। मुख्य मार्ग होने से 24 घंटे आवागमन होता है, पर इस कबाड़ी के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी। थाना देहलीगेट अंतर्गत यह धंधा काफी समय से चल रहा है, पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। यहां पड़े कई सामान ऐसे हैं, जो चोरी कर बेचे गए हैं।
एक बड़ा कबाड़ी इन दिनों कोरबा के कबाड़ी को कबाड़ बेच रहा। बताया जा रहा अब उसने बगावत करते हुए जिले का काम दो हिस्से में बांटे जाने को लेकर अड़ गया है। उसका कहना है कि किसी एक का एकाधिकार न दिया जाए। वह खुद सीधे उस क्षेत्र के कबाड़ खरीद कर भेजेगा। इसे लेकर आंतरिक युद्ध छिड़ गया है। अब देखना है कि व्यवस्था वैसे ही चलते रहेगी, जैसी शुरुआत हुई थी या फिर बदलेगी।
आपराधिक घटनाओं में वृद्धि
कबाड़ का धंधा शुरू होने से चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। पिछले एक माह के दौरान चोरों ने बड़ी-बड़ी चोरी की, पर इसमें पुलिस सिर्फ कुछ मामलों में ही आरोपितों को पकड़ने में सफल रही है। शेष सभी चोरी के मामले का खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।
मेरठ के बाद अब अलीगढ़ वाहनों के कटान का सबसे बड़ा अड्डा बन गया है। जिस तरह गोकश जंगलों में पशुओं को काटते हैं ठीक उसी तरह वाहनों को थाना देहलीगेट क्षेत्र में काटा जा रहा है। ऐसा भी नहीं है कि इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है।
अलीगढ़ जिला का थाना देहलीगेट क्षेत्र वाहन चोरों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। चोरी कर लाए जाने वाले वाहनों को यहां आसानी से काट दिया जाता है। पुलिस का दबाव बनते ही इस धंधे में लिप्त शातिर स्थान बदल देते हैं। पहले यह धंधा शहर के अंदर चलता था, लेकिन अधिकारियों के बढ़ते दबाव के कारण यह कारोबार शहर के बाहरी इलाकों में खुलकर कर चल रहा है। खुलेआम वाहनों को काटा जा रहा है और खाकी आंख बंद किये है। ऐसा भी नहीं है कि खाकी को इसकी जानकारी न हो, पर सब कुछ जानते हुए भी पुलिस वाहन काटने वाले स्थानों पर दबिश नहीं देती है। सूत्रों की मानें तो कई बार जिले के जागरूक नागरिकों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस के हरकत में आने से पहले ही सूचना लीक हो जाती है और इस कारोबार से जुड़े लोग माल समेट कर फरार हो जाते हैं।
इनका कहना है..
इस सबंध में आई पीयूष मोर्डिया का कहना है कि इन वाहनों के काटने वालों पर जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सीओ के नेतृत्व में टीम गठित करके विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जाएगी।
धर्मेन्द्र राघव/22/02/2021